भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मिली बड़ी मजबूती
Larsen & Toubro (L&T) ने एक बार फिर अपनी निर्माण क्षमता का लोहा मनवाया है। कंपनी ने प्रेशराइज्ड हैवी वॉटर रिएक्टर्स (PHWRs) के लिए ज़रूरी 700 MWe स्टीम जेनरेटर की सातवीं यूनिट को NPCIL को समय से 7 महीने पहले डिलीवर कर दिया है। यह कदम भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मज़बूत करने और 'आत्मनिर्भर भारत' पहल को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। गुजरात के हज़ीरा स्थित L&T के AM Naik Heavy Engineering Complex में तैयार हुए इस पुर्जे की समय से पहले डिलीवरी, कंपनी की राष्ट्रीय सामरिक लक्ष्यों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
परमाणु व्यवसाय में तेज़ ग्रोथ की तैयारी
L&T की यह समय पर डिलीवरी भारत की महत्वाकांक्षी ऊर्जा विस्तार योजनाओं के अनुरूप है, जिसका लक्ष्य 2047 तक लगभग 100 GW परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करना है। कंपनी का हैवी इंजीनियरिंग डिविजन परमाणु ऊर्जा, तेल और गैस जैसे क्षेत्रों के लिए रिएक्टर्स और अन्य महत्वपूर्ण उपकरण बनाने में अग्रणी है। L&T का परमाणु ऊर्जा सप्लाई चेन के कई हिस्सों में अनुमानित 55-60% मार्केट शेयर है। इससे पहले भी L&T ने गोरखपुर प्लांट के लिए स्टीम जेनरेटर की डिलीवरी तय समय से काफी पहले पूरी की थी। कंपनी अगले 5 सालों में अपने परमाणु व्यवसाय के रेवेन्यू को 3 से 3.5 गुना बढ़ाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। यह ग्रोथ घरेलू परियोजनाओं के साथ-साथ दुनिया भर में क्लीन एनर्जी की बढ़ती मांग से प्रेरित होगी। L&T के पास ₹4.75 लाख करोड़ से अधिक का बड़ा ऑर्डर बुक है, जिसमें से लगभग 39-40% ऑर्डर मध्य पूर्व से हैं।