L&T, BHEL के शेयर चमके! मिले ₹22,500 Cr और ₹10,300 Cr के मेगा प्रोजेक्ट्स

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AuthorMehul Desai|Published at:
L&T, BHEL के शेयर चमके! मिले ₹22,500 Cr और ₹10,300 Cr के मेगा प्रोजेक्ट्स
Overview

Larsen & Toubro (L&T) और Bharat Heavy Electricals Limited (BHEL) को हाल ही में इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में बड़े प्रोजेक्ट्स मिले हैं। L&T ने **₹22,500 करोड़** का एक बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर पैकेज जीता है, जिसके बाद इसके शेयर में **7.7%** की जबरदस्त तेजी आई है। वहीं, BHEL को **₹10,300 करोड़** के पावर प्रोजेक्ट्स मिले हैं, जिससे इसके शेयर में भी **4.8%** का उछाल देखा गया।

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L&T और BHEL के हाथ लगे बड़े प्रोजेक्ट्स

इंजीनियरिंग दिग्गज Larsen & Toubro (L&T) NTPC और DVC जैसी कंपनियों के लिए ₹22,500 करोड़ के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में लोएस्ट बिडर (lowest bidder) बनकर उभरी है। यह जीत L&T की मजबूत ऑर्डर बुक (order book) में और इजाफा करती है, जो हाल ही में 22% बढ़कर रिकॉर्ड ₹5.79 लाख करोड़ पर पहुंच गई थी। दूसरी ओर, सरकारी कंपनी Bharat Heavy Electricals Limited (BHEL) को ओडिशा जेन्को थर्मल पावर स्टेशन के विस्तार के लिए ₹10,300 करोड़ का प्रोजेक्ट मिला है।

बाजार की मिली-जुली प्रतिक्रिया

इस खबर से बाजार में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली। L&T के शेयर 7.7% उछलकर ₹4,000 का स्तर फिर से हासिल करने में कामयाब रहे, जो पिछले 20 सत्रों से छूटा हुआ था। यह कंपनी की ग्रोथ पर निवेशकों के मजबूत भरोसे को दर्शाता है। BHEL के शेयर 4.8% बढ़कर ₹265.84 पर बंद हुए। यह शेयर में एक संभावित रिकवरी का संकेत देता है, हालांकि इस साल अब तक शेयर में 9% की गिरावट आई थी। निवेशकों की नजरें BHEL पर टिकी हैं कि क्या यह कंपनी अपने पिछले प्रदर्शन को सुधार पाती है।

इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को मिल रहा बूस्ट

ये प्रोजेक्ट्स भारत सरकार के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर जोर देने के साथ मेल खाते हैं। देश की आर्थिक रणनीति में इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर बेहद अहम है, और इसके तहत बड़े पूंजीगत व्यय (capital expenditure) की योजनाएं हैं, जिसमें नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन 2.0 (2026-2032) भी शामिल है। पावर सेक्टर में भी काफी हलचल है, जहां 2030 तक 500 GW नॉन-फॉसिल फ्यूल कैपेसिटी का लक्ष्य है और इसके लिए सालाना लगभग 145 अरब डॉलर के निवेश की जरूरत है। L&T और BHEL इस राष्ट्रीय ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

L&T का वैल्यूएशन और भविष्य

L&T का वैल्यूएशन, जिसका P/E रेश्यो 27-35 के बीच रहता है, कंपनी की लगातार कमाई और मजबूत मार्केट पोजीशन को दिखाता है। कई एनालिस्ट L&T को लेकर उत्साहित हैं और इसके टारगेट प्राइस को ₹4,500-₹4,680 तक जाने की उम्मीद कर रहे हैं, जो इसके विविध बिजनेस सेगमेंट और स्थिर ऑर्डर फ्लो पर आधारित है।

BHEL के लिए वैल्यूएशन की जटिलता

BHEL के लिए वैल्यूएशन की तस्वीर थोड़ी जटिल है। इसका P/E रेश्यो 100 या 500 से भी ऊपर जा सकता है, जो बताता है कि निवेशक कंपनी से बड़ी ग्रोथ और रिकवरी की उम्मीद कर रहे हैं। कुछ एनालिस्ट BHEL को 'Moderate Buy' रेटिंग दे रहे हैं और टारगेट प्राइस ₹343 या ₹323 के आसपास बता रहे हैं। हालांकि, साल-दर-साल प्रदर्शन में कमी और कम ROE (1.67%-2.29%) को देखते हुए, BHEL की सफलता उसके एग्जीक्यूशन (execution) और प्रॉफिटेबिलिटी (profitability) में सुधार पर निर्भर करेगी।

दोनों कंपनियों के लिए जोखिम

इन बड़ी जीत के बावजूद, दोनों कंपनियों के लिए जोखिम बने हुए हैं। BHEL के मामले में, बहुत हाई P/E रेश्यो वैल्यूएशन की स्थिरता पर सवाल खड़े करता है, खासकर कम ROE और हालिया स्टॉक अंडरपरफॉर्मेंस को देखते हुए। बड़े सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स पर भारी निर्भरता एग्जीक्यूशन में देरी या मार्जिन पर दबाव का जोखिम पैदा कर सकती है। इसी तरह, L&T के लिए भी, बड़े प्रोजेक्ट्स एग्जीक्यूशन की जटिलताओं और प्रतिस्पर्धी बोली-प्रक्रिया में मार्जिन कम होने का जोखिम लेकर आते हैं। इनपुट कॉस्ट में उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक मुद्दे भी प्रोजेक्ट की प्रॉफिटेबिलिटी और शेड्यूल को प्रभावित कर सकते हैं।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.