Lakshmi Machine Works (LMW) अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को विस्तार दे रही है। कंपनी दिसंबर 2026 तक **₹10 करोड़** का निवेश कर हर महीने **125 यूनिट** अतिरिक्त प्रोडक्शन करेगी। यह फैसला कंपनी के दमदार Q2 नतीजों के बाद आया है, जिसमें कंपनी ने **₹71 करोड़** का मुनाफा दर्ज किया है।
विस्तार की रणनीति
कोयंबटूर स्थित लक्ष्मी मशीन वर्क्स (LMW) ने अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को बढ़ाने का बड़ा ऐलान किया है। वर्तमान में कंपनी की फैसिलिटीज 90% यूटिलाइजेशन रेट पर काम कर रही हैं। इस निवेश के जरिए कंपनी सप्लाई चेन के दबाव को कम करने और ग्राहकों को जल्दी डिलीवरी देने का लक्ष्य बना रही है। खास बात यह है कि इसके लिए कंपनी बाहरी कर्ज नहीं ले रही, बल्कि अपने इंटरनल कैश फ्लो से ही फंड जुटाएगी, जिससे बैलेंस शीट पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा।
शानदार फाइनेंशियल परफॉर्मेंस
कंपनी ने हाल ही में अपने दूसरी तिमाही (Q2) के नतीजे पेश किए हैं, जो काफी मजबूत रहे हैं। 30 सितंबर, 2026 को समाप्त हुई तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹41 करोड़ से बढ़कर ₹71 करोड़ हो गया है। वहीं, रेवेन्यू भी पिछले साल के ₹822 करोड़ से उछलकर ₹1,132 करोड़ पर पहुंच गया है।
निवेशकों के लिए चेतावनी (Risk Factors)
निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि टेक्सटाइल मशीनरी सेक्टर साइक्लिकल (Cyclical) होता है। टेक्सटाइल इंडस्ट्री में सुस्ती आने पर नई मशीनों की मांग घट सकती है। इसके अलावा, स्टील और मेटल्स की कीमतों में उतार-चढ़ाव मार्जिन को प्रभावित कर सकते हैं। आने वाले समय में कंपनी का ऑर्डर बुक और नई क्षमता के चालू होने की टाइमलाइन पर नजर रखना निवेशकों के लिए बेहद जरूरी होगा।
