LGB Forge Limited के बोर्ड ने 10 मार्च 2026 को हुई एक मीटिंग में अहम फैसले लिए हैं। कंपनी अपनी लगभग 8.04 एकड़ की गैर-प्रमुख (non-core) जमीन को ₹12 करोड़ के अनुमानित मूल्य पर बेचने को हरी झंडी दे दी है। यह जमीन प्रमोटर ग्रुप की एक ट्रस्ट, M/s. LGB Educational Institution को बेची जाएगी।
इस सौदे के साथ ही, कंपनी में चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) के पद पर भी बदलाव हुआ है। 10 मार्च 2026 से प्रभावी Smt. Geetha Manjari ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, और उनकी जगह 11 मार्च 2026 से Sri. Venkatesan N ने नए CFO का पदभार संभाला है।
कंपनी की योजना इस जमीन की बिक्री से मिले पैसों का इस्तेमाल मुख्य रूप से वर्किंग कैपिटल (working capital) की जरूरतों को पूरा करने के लिए करना है। इस सौदे के पूरा होने की अनुमानित समय-सीमा 30 सितंबर 2026 रखी गई है, बशर्ते कि सभी जरूरी मंजूरी मिल जाएं।
यह डील क्यों मायने रखती है?
यह फैसला कंपनी के लिए एक स्ट्रेटेजिक कदम है, जिसके तहत वह अपने गैर-प्रमुख एसेट्स (non-core assets) को बेचकर नकदी (liquidity) जुटाने और वर्किंग कैपिटल को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। यह कंपनी के मौजूदा फाइनेंशियल परफॉरमेंस (financial performance) को देखते हुए काफी अहम है, खासकर गिरती बिक्री और कमाई के बीच। CFO के पद पर नया व्यक्ति आने से कंपनी की फाइनेंशियल स्ट्रैटेजीज़ (financial strategies) में नए सिरे से बदलाव आ सकता है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह जमीन बिक्री एक रिलेटेड-पार्टी ट्रांजैक्शन (related-party transaction) है, यानी प्रमोटर ग्रुप से जुड़ी हुई। ऐसे सौदों में पारदर्शिता बहुत जरूरी होती है और निवेशकों के भरोसे को बनाए रखना होता है, खासकर जब कंपनी की वित्तीय सेहत को लेकर सवाल उठते रहे हों।
पृष्ठभूमि (Backstory)
LGB Forge का रिलेटेड-पार्टी ट्रांजैक्शन का इतिहास रहा है। इसी तरह, अप्रैल 2024 में कंपनी ने अपनी पोंडिचेरी स्थित मशीनिंग डिवीजन को L.G. Balakrishnan & Bros Limited को ₹15 करोड़ में बेचा था। Smt. Geetha Manjari जून 2022 से CFO के पद पर थीं। कंपनी पिछले कुछ सालों से लगातार वित्तीय चुनौतियों का सामना कर रही है, जिसमें बिक्री की ग्रोथ कम होना और कमाई में गिरावट शामिल है। स्टॉक एक्सचेंज ने भी कंपनी से शेयर की कीमतों में बड़ी हलचल के संबंध में स्पष्टीकरण मांगे थे।
आगे क्या बदलाव आएगा?
- नेतृत्व में बदलाव: नए CFO, Sri. Venkatesan N, कंपनी के फाइनेंशियल ऑपरेशंस (financial operations) की कमान संभालेंगे।
- एसेट मोनेटाइजेशन: गैर-प्रमुख जमीन की बिक्री से वर्किंग कैपिटल में सुधार के लिए कैश इनफ्लो (cash inflow) मिलने की उम्मीद है।
- शेयरधारकों का वोट: यह जमीन डील प्रमोटर ग्रुप से जुड़ा होने के कारण, शेयरधारकों की सीधे मंजूरी, पोस्टल बैलेट (postal ballot) के जरिए, ज़रूरी होगी।
- ऑपरेशनल फोकस: गैर-प्रमुख संपत्तियों को बेचने से मैनेजमेंट को अपने मुख्य फोर्जिंग और मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशंस पर ज़्यादा ध्यान केंद्रित करने में मदद मिल सकती है।
देखने योग्य जोखिम (Risks to Watch)
- रिलेटेड-पार्टी ट्रांजैक्शन: M/s. LGB Educational Institution (प्रमोटर ग्रुप की इकाई) के साथ यह सौदा शेयरधारकों की मंजूरी पर निर्भर है। यदि शेयरधारक इसे अस्वीकार करते हैं, तो यह डील अटक सकती है।
- एग्जीक्यूशन रिस्क (Execution Risk): यह बिक्री 30 सितंबर 2026 तक पूरी होनी है और इसमें सभी जरूरी मंजूरी और शर्तें शामिल हैं। देरी की संभावना बनी रहती है।
- वित्तीय सेहत: कंपनी की गिरती रेवेन्यू और प्रॉफिटेबिलिटी जैसी लगातार बनी हुई वित्तीय समस्याएं एक बड़ा जोखिम हैं। ₹12 करोड़ की यह रकम थोड़ी राहत दे सकती है, लेकिन मूल प्रदर्शन की चुनौतियों को हल नहीं करती।
- मैनेजमेंट स्टेबिलिटी (Management Stability): CFO जैसे महत्वपूर्ण पद पर नेतृत्व का स्थिर होना जरूरी है, और इस बदलाव पर बारीकी से नजर रखी जाएगी।
आगे क्या ट्रैक करें:
- पोस्टल बैलेट के नतीजे: जमीन की बिक्री पर शेयरधारकों के वोट के नतीजे सबसे महत्वपूर्ण होंगे।
- जमीन की बिक्री का पूरा होना: 30 सितंबर 2026 की समय-सीमा तक डील का सफलतापूर्वक पूरा होना।
- नए CFO की रणनीति: श्री. वेंकटसन एन (Sri. Venkatesan N) कंपनी के वित्त प्रबंधन और सुधार के लिए क्या रणनीति अपनाते हैं।
- वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट: जमीन की बिक्री से मिले पैसे का वर्किंग कैपिटल साइकिल पर क्या असर पड़ता है।
- अन्य संपत्ति बिक्री की योजना: क्या कंपनी भविष्य में और गैर-प्रमुख एसेट्स बेचने की योजना बना रही है।