स्पेशलाइज्ड हाई-परफॉरमेंस फैब्रिक्स बनाने वाली कंपनी कुसुंगर कॉर्पोरेट्स का ₹650 करोड़ का IPO आज खुल गया है। यह पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) है। कंपनी ने एंकर निवेशकों से पहले ही ₹193.9 करोड़ जुटा लिए हैं। निवेशकों को कंपनी के रेवेन्यू और प्रॉफिट में ग्रोथ के साथ-साथ इंडस्ट्री के बाकी खिलाड़ियों के मुकाबले इसकी हाई वैल्यूएशन पर भी ध्यान देना चाहिए।
स्पेशलाइज्ड फैब्रिक्स में नंबर वन, अब IPO मार्केट में!
इंजीनियर्ड टेक्निकल फैब्रिक्स बनाने वाली कंपनी कुसुंगर कॉर्पोरेट्स का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) आज, 8 जुलाई 2026 से सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है। यह इश्यू 10 जुलाई 2026 तक खुला रहेगा। कंपनी ने शेयर का प्राइस बैंड ₹398 से ₹419 रखा है, जिसके ज़रिए कुल ₹650 करोड़ जुटाने का लक्ष्य है। खास बात यह है कि यह पूरा इश्यू ऑफर फॉर सेल (OFS) है। इसका मतलब है कि IPO से जुटाई गई राशि कंपनी के बिजनेस ऑपरेशन्स में विस्तार या कर्ज चुकाने के लिए इस्तेमाल नहीं होगी, बल्कि यह पैसा बेचने वाले शेयरधारकों को जाएगा।
एंकर निवेशकों का दिखा भरोसा!
पब्लिक इश्यू खुलने से पहले ही, कुसुंगर ने बड़े एंकर निवेशकों से ₹193.9 करोड़ की रकम जुटा ली है। इस लिस्ट में BlackRock Global Funds और Goldman Sachs Funds जैसे ग्लोबल फंड्स के साथ-साथ Kotak Mahindra Life Insurance और SBI, ICICI Prudential जैसे म्यूचुअल फंड्स भी शामिल हैं। एंकर निवेशकों की भागीदारी को अक्सर बड़े संस्थानों की दिलचस्पी का संकेत माना जाता है, हालांकि यह भविष्य में स्टॉक के प्रदर्शन की गारंटी नहीं देता।
कंपनी का बिजनेस और फाइनेंशियल्स
कुसुंगर एयरोस्पेस, डिफेंस, ऑटोमोटिव और इंडस्ट्रियल एप्लीकेशन्स में इस्तेमाल होने वाले हाई-परफॉरमेंस फैब्रिक्स के niche सेक्टर में काम करती है। मार्च 2026 तक, कंपनी गुजरात और उत्तर प्रदेश में सात प्लांट्स चला रही थी, जिनकी प्रोडक्शन कैपेसिटी लगभग 128 मिलियन मीटर है। कंपनी द्वारा फाइल किए गए फाइनेंशियल्स के अनुसार, FY26 में रेवेन्यू ₹692 करोड़ रहा, जो FY24 के ₹467.9 करोड़ से काफी ज्यादा है। वहीं, नेट प्रॉफिट इसी अवधि में ₹84.3 करोड़ से बढ़कर ₹98.2 करोड़ हो गया।
वैल्यूएशन और भविष्य की चुनौतियाँ
इन्वेस्टर्स को यह ध्यान रखना चाहिए कि अपर प्राइस बैंड ₹419 पर, कंपनी का वैल्यूएशन FY26 की कमाई के मुकाबले लगभग 44.8 गुना है। यह टेक्सटाइल और इंडस्ट्रियल गुड्स सेक्टर के कई पीयर्स के मुकाबले एक प्रीमियम वैल्यूएशन है। कुसुंगर पॉलीमाइड और पॉलिएस्टर फिलामेंट्स में स्पेशलाइज्ड कैपेबिलिटी रखती है, लेकिन इस प्रीमियम वैल्यूएशन का मतलब है कि स्टॉक का भविष्य इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनी अपने प्रॉफिट मार्जिन को बनाए रख पाती है या नहीं और नए ट्रेड एग्रीमेंट्स के तहत अपने एक्सपोर्ट बिजनेस को कितना बढ़ा पाती है।
इसके अलावा, हाईली स्पेशलाइज्ड मैन्युफैक्चरिंग में कंसंट्रेशन रिस्क भी एक अहम फैक्टर है। कंपनी का प्रदर्शन डिफेंस और एयरोस्पेस जैसे सेक्टर्स से जुड़ा है, जिनमें लंबी सेल्स साइकिल और सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स या बड़े इंडस्ट्रियल ऑर्डर्स पर निर्भरता होती है। ये सेक्टर्स भले ही स्थिर मांग प्रदान करते हों, लेकिन प्रोजेक्ट में देरी और सरकारी नीतियों में बदलाव का जोखिम भी बना रहता है। इसलिए, निवेशकों को कंपनी की क्लाइंट रिलेशनशिप्स को बनाए रखने और प्रोडक्शन को प्रभावी ढंग से बढ़ाने की क्षमता पर बारीकी से नजर रखनी होगी।
