इंजीनियर्ड फैब्रिक्स बनाने वाली कंपनी कुसुमगर (Kusumgar) अपना ₹650 करोड़ का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) 8 जुलाई को लॉन्च कर रही है। यह इश्यू प्रमोटरों द्वारा ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत लाया जा रहा है, और शेयर की कीमत ₹398 से ₹419 के बीच तय की गई है। खास बात यह है कि इस शेयर बिक्री से कंपनी को कोई पैसा नहीं मिलेगा।
क्या है पूरा मामला?
इंजीनियर्ड फैब्रिक्स बनाने वाली कंपनी कुसुमगर (Kusumgar) ने अपने आने वाले इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) का पूरा प्लान तैयार कर लिया है। कंपनी 8 जुलाई, 2026 (बुधवार) को पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगी और 10 जुलाई, 2026 (शुक्रवार) को बंद होगी। इश्यू का साइज ₹650 करोड़ रखा गया है, जिसमें प्रति इक्विटी शेयर का प्राइस बैंड ₹398 से ₹419 के बीच तय किया गया है। इच्छुक निवेशक कम से कम एक लॉट के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसमें 35 शेयर होंगे। अपर प्राइस बैंड पर न्यूनतम निवेश ₹14,665 होगा। एंकर निवेशकों के लिए बोली 7 जुलाई, 2026 को लगाई जाएगी।
ऑफर की संरचना (Structure of the Offer)
यह IPO पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) के रूप में है। OFS में, मौजूदा शेयरधारक - इस मामले में प्रमोटर - अपनी हिस्सेदारी जनता को बेचते हैं। चूंकि यह शेयरों की सेकेंडरी बिक्री है, इसलिए इससे जुटाए गए ₹650 करोड़ में से एक भी रुपया कंपनी को बिजनेस बढ़ाने, कैपिटल एक्सपेंडिचर या कर्ज घटाने के लिए नहीं मिलेगा। यह पैसा सीधे बेचने वाले शेयरधारकों के पास जाएगा। इसमें प्रमोटर सिद्धार्थ योगेश कुसुमगर ₹420 करोड़ के शेयर बेचेंगे, जॉइंट एमडी सपना सिद्धार्थ कुसुमगर ₹200 करोड़ की हिस्सेदारी बेचेंगी, और सिद्धार्थ योगेश कुसुमगर HUF ₹30 करोड़ के शेयर बेचेंगे।
ग्रे मार्केट का हाल (Grey Market Trends)
हालिया अनऑफिशियल रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी के शेयर ग्रे मार्केट में प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं। हालांकि इसे अक्सर मजबूत डिमांड का संकेत माना जाता है, निवेशकों को इस डेटा को सावधानी से देखना चाहिए। ग्रे मार्केट एक अनऑफिशियल और अनरेगुलेटेड प्लेटफॉर्म है। प्रीमियम कीमतों की वजह से यह गारंटी नहीं है कि स्टॉक लिस्टिंग पर प्रॉफिट देगा या यह बिजनेस की लॉन्ग-टर्म फंडामेंटल वैल्यू को दर्शाता है। ऐसे प्रीमियम मार्केट सेंटिमेंट के आधार पर तेजी से बदल सकते हैं और इन्हें निवेश का एकमात्र आधार नहीं बनाना चाहिए।
निवेशकों को क्या देखना चाहिए?
चूंकि यह ऑफर फॉर सेल है, इसलिए शेयरधारकों का मुख्य फोकस कंपनी के अंडरलाइंग बिजनेस परफॉर्मेंस, पिछले प्रॉफिट मार्जिन और इंजीनियर्ड फैब्रिक्स सेक्टर में उसकी कॉम्पिटिटिव पोजीशन पर होना चाहिए। कंपनी ने पात्र कर्मचारियों के लिए प्रति शेयर ₹39 का डिस्काउंट रखा है, जो इंटरनल स्टेकहोल्डर्स के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। सब्सक्रिप्शन पीरियड 10 जुलाई को बंद होने के बाद, अलॉटमेंट की प्रक्रिया 13 जुलाई तक फाइनल होने की उम्मीद है। यह स्टॉक 15 जुलाई, 2026 को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर डेब्यू करेगा। निवेशकों को अपनी भागीदारी का निर्णय लेने से पहले कंपनी के ऑर्डर बुक, रॉ मटेरियल की लागत, और क्लाइंट कॉन्संट्रेशन रिस्क जैसे डिटेल्स के लिए फाइनल प्रॉस्पेक्टस को ध्यान से देखना चाहिए।
