Kusumgar Corporation ने शेयर बाजार में जोरदार आगाज किया है। कंपनी के शेयर आज **44%** के प्रीमियम पर लिस्ट हुए, जो निवेशकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। IPO की कीमत **₹419** थी, लेकिन लिस्टिंग के दिन शेयर **₹574** पर खुला।
बाजार में आई बहार, निवेशकों की चांदी
Kusumgar Corporation आज यानी बुधवार को पब्लिक मार्केट में उतरी और इसने आते ही धमाल मचा दिया। BSE और NSE दोनों पर कंपनी के शेयरों में जबरदस्त उछाल देखा गया। डिफेंस और एयरोस्पेस सेक्टर के लिए कपड़े बनाने वाली इस कंपनी का IPO पिछले हफ्ते खत्म हुआ था, जिसमें ₹650 करोड़ जुटाए गए थे। आज BSE पर इसके शेयर ₹419 के इश्यू प्राइस से 37% ऊपर ₹574 पर खुले। सुबह के कारोबार में ही शेयर ₹631.35 के लेवल तक पहुंच गए, जिसने 10% के अपर सर्किट को हिट कर दिया।
IPO पर निवेशकों का जबरदस्त भरोसा
इस शानदार लिस्टिंग की वजह IPO के दौरान निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस है। इश्यू 128.85 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ था। खासकर इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (Institutional Investors) की तरफ से भारी डिमांड देखी गई, जो डिफेंस और एयरोस्पेस सेक्टर की कंपनियों में निवेश को लेकर दिलचस्पी दिखाते हैं। IPO प्राइस से करीब 50% की इंट्रा-डे तेजी के साथ कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर लगभग ₹6,477.97 करोड़ हो गया।
कंपनी की प्रोफाइल और कुछ चिंताएं
साल 1990 में स्थापित, Kusumgar Corporation खास तरह के सिंथेटिक फैब्रिक्स बनाने में माहिर है, जिनका इस्तेमाल एयरोस्पेस, डिफेंस, ऑटोमोटिव और इंडस्ट्रियल फील्ड्स में होता है। हालांकि, कंपनी एक खास सेगमेंट में काम करती है, लेकिन हालिया फाइनेंशियल रिपोर्ट्स कुछ चिंताएं भी दिखाती हैं। पिछले तीन फाइनेंशियल इयर्स (Financial Years) में कंपनी को रेवेन्यू ग्रोथ (Revenue Growth), अर्निंग्स पर शेयर (Earnings Per Share) और रिटर्न ऑन नेट वर्थ (Return on Net Worth) जैसे जरूरी मेट्रिक्स पर दबाव का सामना करना पड़ा है। एनालिस्ट्स का यह भी कहना है कि FY25 के मुनाफे में एक बार के पैराशूट ऑर्डर (Parachute Order) का बड़ा योगदान है, जो शायद रेगुलर परफॉर्मेंस को न दिखाए।
निवेशकों के लिए जरूरी बातें
शेयरधारकों के लिए एक अहम बात यह है कि यह पूरा ₹650 करोड़ का IPO एक ऑफर फॉर सेल (Offer for Sale - OFS) था। इसका मतलब है कि सारा पैसा कंपनी के पास नहीं आया, बल्कि बेचने वाले शेयरधारकों को मिला। कंपनी के बैलेंस शीट में ग्रोथ या कर्ज कम करने के लिए कोई नया पैसा नहीं आया है। इसलिए, कंपनी को अपने विस्तार की योजनाओं और ऑपरेशन्स के लिए मौजूदा कैश फ्लो और क्रेडिट क्षमता पर ही निर्भर रहना होगा। आगे चलकर, मार्केट की नजर इस बात पर रहेगी कि कंपनी एक बार के ऑर्डर के अलावा अपने स्पेशलाइज्ड फैब्रिक बिजनेस में ग्रोथ कैसे बनाए रखती है। निवेशकों को आने वाली तिमाही नतीजों पर ध्यान देना चाहिए ताकि यह पता चल सके कि कंपनी बिना किसी नॉन-रेकरिंग कॉन्ट्रैक्ट के अपने रिटर्न रेश्यो (Return Ratios) को सुधार पाती है या नहीं।
