कंपनी का बड़ा दांव: पावर सेक्टर में उतरने की तैयारी
Kriti Nutrients Limited अपने मुख्य एडिबल ऑयल और सोया प्रोडक्ट्स के बिजनेस से हटकर अब बिजली उत्पादन और ट्रेडिंग की दुनिया में कदम रखने की योजना बना रही है। इस अहम फैसले के लिए शेयर होल्डर्स से मंजूरी लेने के लिए 20 मार्च 2026 को एक एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) आयोजित की जा रही है।
यह कदम ऐसे समय में उठाया जा रहा है जब कंपनी दिसंबर 2025 को समाप्त तिमाही में नेट लॉस (Net Loss) दर्ज कर चुकी है।
आज की फाइलिंग में क्या है खास?
Kriti Nutrients Limited अपनी EGM शुक्रवार, 20 मार्च 2026 को दोपहर 12:00 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से आयोजित करेगी।
इस मीटिंग का सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य शेयर होल्डर्स से बिजली उत्पादन और ट्रेडिंग के बिजनेस में बड़े पैमाने पर विस्तार करने के लिए सहमति प्राप्त करना है।
इस नए बिजनेस स्कोप के लिए कंपनी को अपने मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन (MOA) और आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन (AOA) में बदलाव करने होंगे।
EGM में भाग लेने वाले शेयर होल्डर्स 17 से 19 मार्च 2026 के बीच ई-वोटिंग (e-voting) के जरिए अपने वोट डाल सकेंगे। वोटिंग अधिकारों के निर्धारण की कट-ऑफ डेट 13 मार्च 2026 तय की गई है।
यह फैसला क्यों मायने रखता है?
बिजली क्षेत्र, खासकर नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) जैसे सौर ऊर्जा (Solar Power) के बढ़ते क्षेत्र में प्रवेश करना Kriti Nutrients के लिए एक बड़ा परिवर्तनकारी कदम साबित हो सकता है। कंपनी का मानना है कि यह कदम स्थिरता (Sustainability) के लक्ष्यों के अनुरूप है, पारंपरिक ऊर्जा पर निर्भरता कम करेगा और परिचालन लागत (Operational Costs) को घटाने में मदद करेगा।
अगर शेयर होल्डर्स मंजूरी देते हैं, तो बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को बिजली उत्पादन, वितरण और बिक्री से जुड़े काम अपने कब्जे या व्यावसायिक उपयोग के लिए करने का अधिकार मिल जाएगा।
कंपनी की पुरानी कहानी (बैकग्राउंड)
Kriti Nutrients Limited, जिसकी स्थापना 1996 में हुई थी, मुख्य रूप से सोयाबीन निष्कर्षण (Soya Seed Extraction) और 'Kriti' ब्रांड के तहत एडिबल ऑयल के निर्माण पर केंद्रित रही है। इसके अलावा, कंपनी सोया लेसिथिन और वैल्यू-एडेड प्रोटीन प्रोडक्ट्स का भी उत्पादन करती है।
कंपनी का मैन्युफैक्चरिंग प्लांट मध्य प्रदेश के देवास में स्थित है।
हाल ही में, दिसंबर 2025 को समाप्त तिमाही के नतीजों में, Kriti Nutrients ने ₹49.49 लाख का स्टैंडअलोन नेट लॉस दर्ज किया है। यह दिखाता है कि कंपनी अपने मुख्य व्यवसाय में कुछ वित्तीय दबावों का सामना कर रही है, भले ही रेवेन्यू में कुछ वृद्धि देखी गई हो।
आगे क्या बदलेगा?
- EGM में शेयर होल्डर्स की मंजूरी के बिना प्रस्तावित विस्तार संभव नहीं होगा।
- मंजूरी मिलने पर, कंपनी के MOA और AOA को नए बिजनेस स्कोप के अनुसार संशोधित किया जाएगा।
- डायरेक्टर्स को एनर्जी जेनरेशन और ट्रेडिंग वेंचर्स को आगे बढ़ाने के लिए अतिरिक्त अधिकार प्राप्त होंगे।
- निवेशकों को कंपनी की नई और प्रतिस्पर्धी सेक्टर में प्रदर्शन क्षमता का मूल्यांकन करना होगा।
जोखिम जिन पर नजर रखनी है
- निष्पादन जोखिम (Execution Risk): पूंजी-गहन (Capital-intensive) पावर सेक्टर में सफलतापूर्वक प्रवेश करने और विस्तार करने के लिए काफी विशेषज्ञता और परिचालन क्षमता की आवश्यकता होगी।
- पूंजी की आवश्यकताएं (Capital Requirements): पावर जनरेशन प्रोजेक्ट्स में आमतौर पर भारी अग्रिम निवेश की जरूरत होती है, जो कंपनी की वित्तीय संरचना को प्रभावित कर सकता है।
- प्रतिस्पर्धा (Competitive Landscape): एनर्जी सेक्टर, खासकर रिन्यूएबल एनर्जी, में पहले से ही बड़े स्थापित खिलाड़ी मौजूद हैं और यह काफी प्रतिस्पर्धी है।
- फोकस का बंटवारा (Focus Dilution): नए सेक्टर में विस्तार से कंपनी के प्रबंधन का फोकस उसके मुख्य एडिबल ऑयल और सोया प्रोडक्ट बिजनेस से बंट सकता है।
पीयर तुलना (Peer Comparison)
Kriti Nutrients के मौजूदा एडिबल ऑयल और सोया सेगमेंट में Patanjali Foods और Adani Wilmar जैसे प्रमुख प्रतिद्वंद्वी हैं।
एनर्जी सेक्टर में, Tata Power और ReNew जैसी कंपनियां रिन्यूएबल एनर्जी में स्थापित लीडर हैं, जिनके पास सौर और पवन ऊर्जा में व्यापक इंफ्रास्ट्रक्चर और अनुभव है।
Kriti Nutrients का पावर जनरेशन में विविधीकरण (Diversification) एक ऐसे सेक्टर में प्रवेश का प्रतीक है जिसके परिचालन की गतिशीलता और नियामक वातावरण उसके वर्तमान खाद्य-आधारित व्यवसाय से काफी अलग हैं।
प्रासंगिक मेट्रिक्स (समय-बद्ध)
- Kriti Nutrients ने फाइनेंशियल ईयर 25 (FY25) के लिए लगभग ₹735 करोड़ का नेट सेल्स दर्ज किया था, जिसमें उसके मुख्य उत्पाद रिफाइंड एडिबल ऑयल और सोया डेरिवेटिव थे।
- 31 दिसंबर 2025 को समाप्त नौ महीनों के लिए, स्टैंडअलोन नेट सेल्स ₹447.57 करोड़ थी, जबकि नेट लॉस आफ्टर टैक्स ₹49.49 लाख रहा।
आगे क्या ट्रैक करें
- 20 मार्च 2026 को होने वाली EGM के नतीजों पर नजर रखें, खासकर MOA/AOA में बदलाव के लिए शेयर होल्डर की मंजूरी को लेकर।
- कंपनी की पावर जनरेशन और ट्रेडिंग वेंचर्स के लिए विस्तृत योजनाओं, संभावित प्रोजेक्ट टाइमलाइन और निवेश रणनीतियों पर नज़र रखें।
- देखें कि कंपनी इस विविधीकरण को कैसे फाइनेंस करती है और इसके मुख्य परिचालन पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों का प्रबंधन कैसे करती है।
- जैसे-जैसे कंपनी आगे बढ़ती है, पावर सेक्टर के भीतर प्रतिस्पर्धी स्थिति और नियामक माहौल का आकलन करें।
- एनर्जी स्पेस में किसी भी संभावित पार्टनरशिप या अधिग्रहण की घोषणाओं पर ध्यान दें।
