Körber की India में एंट्री मजबूत: Supply Chain पर 100% कंट्रोल
Körber Group ने Godrej & Boyce Manufacturing Company Limited से Godrej Körber Supply Chain Limited में बची हुई 49% इक्विटी हिस्सेदारी (Equity Stake) का अधिग्रहण करके 100% स्वामित्व (Ownership) पक्का कर लिया है। इस स्ट्रैटेजिक कंसॉलिडेशन (Strategic Consolidation) से भारतीय इकाई पूरी तरह से Körber के ग्लोबल सप्लाई चेन बिज़नेस में एकीकृत हो जाएगी, जिससे भारत में कंपनी की ऑपरेशनल मौजूदगी और रणनीतिक पैठ (Strategic Presence) काफी मजबूत होगी। Trilegal की सलाह वाली इस डील (Deal) से Körber भारत को अपने बढ़ते एशिया-प्रशांत ऑपरेशंस के लिए एक महत्वपूर्ण हब के तौर पर इस्तेमाल कर सकेगा। ग्रुप का लक्ष्य ई-कॉमर्स, मैन्युफैक्चरिंग, एफएमसीजी (FMCG) और फार्मास्यूटिकल्स जैसे प्रमुख सेक्टर्स में एडवांस्ड ऑटोमेशन, सॉफ्टवेयर-ड्रिवन लॉजिस्टिक्स और इंट्रालॉजिस्टिक्स सॉल्यूशंस को तेज़ी से अपनाना है।
India का लॉजिस्टिक्स बूम Körber के कंसॉलिडेशन को दे रहा हवा
भारतीय लॉजिस्टिक्स मार्केट (Logistics Market) में ज़बरदस्त तेजी देखी जा रही है। अनुमान है कि यह 2026 में 383.77 अरब डॉलर से बढ़कर 2031 तक 592.36 अरब डॉलर तक पहुँच जाएगा, जिसकी कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) 9.07% रहने की उम्मीद है। इस ग्रोथ का मुख्य ज़रिया ई-कॉमर्स सेक्टर (E-commerce Sector) का तेज़ी से विस्तार है, जिसके 2033 तक 650.4 अरब डॉलर तक पहुँचने का अनुमान है। इसके साथ ही बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट (Infrastructure Development) और डिजिटल टेक्नोलॉजीज (Digital Technologies) को अपनाने की बढ़ती दर भी इस ग्रोथ को बढ़ावा दे रही है। Körber का अपनी भारतीय ऑपरेशंस पर पूरा कंट्रोल हासिल करना इस मार्केट ट्रेंड के अनुरूप है, जिससे कंपनी को लोकल कस्टमर्स के लिए अपने ग्लोबल रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D), रोबोटिक्स (Robotics) और सॉफ्टवेयर इनोवेशन (Software Innovations) के इकोसिस्टम तक सीधी पहुँच मिलेगी। कंपनी ने 2023 में 2.9 अरब यूरो की रिकॉर्ड सेल्स (Sales) और 3.2 अरब यूरो का ऑर्डर इंटेक (Order Intake) दर्ज किया था, जो इसकी विस्तार योजनाओं के लिए मजबूत वित्तीय आधार का संकेत देता है। यह अधिग्रहण Körber के उस हालिया कदम के बाद आया है जिसमें उसने Stellium, एक SAP सप्लाई चेन मैनेजमेंट कंसल्टिंग फर्म, में मेजॉरिटी स्टेक (Majority Stake) खरीदा था, जिसने कंपनी की ग्लोबल कंसल्टिंग क्षमताओं को और बढ़ाया है, जिसमें भारत में भी इसकी महत्वपूर्ण उपस्थिति शामिल है।
स्ट्रैटेजिक इंटीग्रेशन और सेक्टोरल असर
पूरे मालिकाना हक के साथ, Körber अपने ऑपरेशंस को सुव्यवस्थित (Streamline) करने और ग्लोबल बेस्ट प्रैक्टिसेज (Global Best Practices) को भारतीय सब्सिडियरी (Subsidiary) में ज़्यादा प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए तैयार है। इस एकीकृत दृष्टिकोण से भारत की विशिष्ट लॉजिस्टिकल चुनौतियों और अवसरों के अनुरूप वर्ल्ड-क्लास ऑटोमेशन की तैनाती में तेज़ी आने की उम्मीद है। इस इंटीग्रेशन का लक्ष्य देश के सप्लाई चेन इंफ्रास्ट्रक्चर की एफिशिएंसी (Efficiency) और आधुनिकीकरण (Modernization) को बढ़ाना है। सप्लाई चेन सॉफ्टवेयर स्पेस (Supply Chain Software Space) में कॉम्पिटिटर्स (Competitors) और वैकल्पिक सॉल्यूशंस में SAP Extended Warehouse Management, Oracle Warehouse Management Cloud, और Accenture और Deloitte जैसी कंसल्टिंग फर्मों के ऑफर्स शामिल हैं। अपने भारतीय बिज़नेस को कंसॉलिडेट करके, Körber अपनी सर्विस ऑफर्स (Service Offers) को बेहतर बनाना चाहता है और वेयरहाउस ऑटोमेशन (Warehouse Automation) व लॉजिस्टिक्स सॉल्यूशंस में अपनी लीडरशिप को मजबूत करना चाहता है, ताकि भारत की तेज़ी से डिजिटाइज़ हो रही इकोनॉमी (Economy) की बदलती मांगों को पूरा किया जा सके।