Knowledge Marine Share Price: ₹279 करोड़ का नया ऑर्डर मिलने से शेयर ने छुआ Record High

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Knowledge Marine Share Price: ₹279 करोड़ का नया ऑर्डर मिलने से शेयर ने छुआ Record High

Knowledge Marine & Engineering Works के शेयरों में जोरदार उछाल देखने को मिला है। मुंबई पोर्ट अथॉरिटी से मिले **₹279.33 करोड़** के 'ग्रीन टग' कॉन्ट्रैक्ट के दम पर शेयर **₹3,304.60** के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं। साथ ही, कंपनी ने अपने FY27 के रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस को बढ़ाकर **60%** से अधिक कर दिया है।

तूफानी तेजी की वजह

Knowledge Marine & Engineering Works (KMEW) के शेयरों ने 8 अक्टूबर, 2026 को ₹3,304.60 का नया इंट्रा-डे रिकॉर्ड बनाया है। पिछले चार ट्रेडिंग सेशंस में ही स्टॉक 12% तक भाग चुका है, जबकि साल-दर-साल (YTD) के आधार पर यह 70% का रिटर्न दे चुका है। यह रैली तब आई है जब मार्केट का हाल सुस्त है।

बड़ा कॉन्ट्रैक्ट और सरकारी मिशन

तेजी की मुख्य वजह मुंबई पोर्ट अथॉरिटी से मिला ₹279.33 करोड़ का बड़ा ऑर्डर है। कंपनी इसके तहत बैटरी से चलने वाले टगबोट्स का निर्माण और संचालन करेगी। यह 15 साल की अवधि वाला कॉन्ट्रैक्ट 'ग्रीन टग ट्रांजिशन प्रोग्राम' का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य डीजल जहाजों को पर्यावरण के अनुकूल विकल्पों से बदलना है।

ऑर्डर बुक और भविष्य की उम्मीदें

कंपनी की वित्तीय स्थिति पर नजर डालें, तो पहली तिमाही में रेवेन्यू में 138% का जबरदस्त उछाल आया था। इसी मजबूती को देखते हुए मैनेजमेंट ने FY27 के लिए रेवेन्यू ग्रोथ अनुमान को 30-40% से बढ़ाकर 60% से ऊपर कर दिया है। 31 मार्च, 2026 तक कंपनी की अनएग्जीक्यूटेड ऑर्डर बुक ₹1,400 करोड़ रही है, जो भविष्य के लिए विजिबिलिटी बढ़ाती है।

मार्जिन और वैल्यूएशन का गणित

हालांकि, निवेशकों को नंबर्स के पीछे की हकीकत भी समझनी चाहिए। Q1 में कंपनी का EBITDA मार्जिन 64% था, जो कि खास माइलस्टोन्स की वजह से था। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि लंबी अवधि का सस्टेनेबल मार्जिन 35-40% के आसपास रहेगा। वर्तमान में स्टॉक अपनी बुक वैल्यू से 13.8 गुना प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। सागरमाला प्रोजेक्ट जैसे सरकारी इनिशिएटिव्स का फायदा तो मिल रहा है, लेकिन निवेशकों को कंपनी की एग्जीक्यूशन स्पीड और प्रोजेक्ट्स की टाइमिंग पर नजर रखनी होगी।

हाल ही में कंपनी ने अपनी 11वीं एनुअल जनरल मीटिंग में शेयरों के सब-डिवीजन (Sub-division) को भी मंजूरी दे दी है। अब आगे निवेशकों के लिए यह देखना जरूरी होगा कि कंपनी किस तरह से ₹1,400 करोड़ की ऑर्डर बुक को रेवेन्यू में बदलती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.