Knowledge Marine & Engineering Works (KMEW) के शेयरों ने आज नया रिकॉर्ड बनाया और ₹2,735.50 के ऑल-टाइम हाई स्तर को छुआ। पिछले एक साल में कंपनी के शेयर **216%** से ज़्यादा चढ़ चुके हैं। यह तेजी प्रमोटर और बड़े निवेशकों की होल्डिंग में बदलाव के साथ-साथ Inland Waterways Authority of India से मिले ₹66 करोड़ के नए ऑर्डर के कारण आई है।
शेयर बाजार में Knowledge Marine का जलवा
बुधवार को Knowledge Marine & Engineering Works (KMEW) के शेयरों ने ₹2,735.50 का नया रिकॉर्ड स्तर छुआ। पिछले चार महीनों में स्टॉक 86% बढ़ा है और पिछले एक साल में इसकी कीमत तीन गुना से ज़्यादा हो गई है। यह शानदार परफॉरमेंस तब आई है जब BSE Sensex पिछले 12 महीनों में 4.6% गिरा है।
बड़े निवेशकों की एंट्री और प्रमोटरों की बिकवाली
कंपनी, जो ड्रेजिंग और मरीन इंजीनियरिंग में माहिर है, ने अपने शेयरधारकों के आधार में कुछ अहम बदलाव देखे हैं। जून 2026 तिमाही के अंत तक, जाने-माने निवेशक आशीष कचोलिया के पास 2.89% हिस्सेदारी है, जिसमें 705,264 इक्विटी शेयर शामिल हैं। इसी दौरान, SBI Funds Management ने 19 जून 2026 को ₹1,963.17 प्रति शेयर के भाव पर 400,036 शेयर खरीदे, जिससे संस्थागत निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है।
दूसरी ओर, प्रमोटर समूह, जिसमें कनक सुजय केवलरामानी और दिनेश मोहनलाल केवलरामानी शामिल हैं, ने मार्च 2026 तिमाही के 53.63% से अपनी संयुक्त हिस्सेदारी घटाकर 51.56% कर दी है। प्रमोटरों की हिस्सेदारी पर हमेशा मैनेजमेंट के भरोसे का संकेत माना जाता है, लेकिन कंपनी ने अपने रेवेन्यू को बढ़ाने के लिए नई टेक्नोलॉजी सेगमेंट पर भी ध्यान केंद्रित किया है।
नए ऑर्डर और भविष्य की रणनीति
कंपनी के बिजनेस प्लान का एक अहम हिस्सा विशेष मरीन जहाजों का निर्माण है। 20 जून 2026 को, KMEW ने Inland Waterways Authority of India (IWAI) से 10 हाइब्रिड इलेक्ट्रिक पैसेंजर फेरी बनाने का ऑर्डर हासिल किया है, जिसकी कीमत ₹66.11 करोड़ है। इस कॉन्ट्रैक्ट की खासियत 60 महीने की मेंटेनेंस कमिटमेंट भी है, जो आने वाले सालों में सर्विस से लगातार इनकम का संकेत देती है।
भारत में ड्रेजिंग और मरीन इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को सरकार की 'सागरमाला प्रोग्राम' जैसी पहलों से भी बढ़ावा मिल रहा है। हालांकि, निवेशकों के लिए यह देखना अहम होगा कि कंपनी इन स्पेशलाइज्ड प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा कर पाती है या नहीं और मरीन इंजीनियरिंग के सामान की बढ़ती कीमतों के बीच अपने प्रॉफिट मार्जिन को बनाए रख पाती है या नहीं। जैसे-जैसे कंपनी इलेक्ट्रिक वेसल प्रोडक्शन की ओर बढ़ रही है, बाजार यह देखेगा कि इन प्रोजेक्ट्स का कैश फ्लो और कंपनी की कर्ज की स्थिति पर क्या असर पड़ता है।
