Kilburn Engineering Limited ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के लिए शानदार नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी ने रेवेन्यू, प्रॉफिटेबिलिटी और ऑर्डर बुक के मोर्चे पर जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है।
नतीजों का विश्लेषण (Financial Deep Dive)
कंपनी के कंसोलिडेटेड रेवेन्यू (Consolidated Revenue) में साल-दर-साल (YoY) 45% की जोरदार उछाल देखी गई, जो ₹156.78 करोड़ पर पहुंच गया। इस शानदार रेवेन्यू ग्रोथ के साथ, ऑपरेटिंग EBITDA में भी 55% की बढ़ोतरी दर्ज हुई और यह ₹38.24 करोड़ रहा।
ऑपरेशनल एफिशिएंसी में सुधार का अंदाजा EBITDA मार्जिन से लगाया जा सकता है, जो 156 बेसिस पॉइंट्स (bps) बढ़कर 24.06% हो गया। कंपनी का प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) 64% बढ़कर ₹31.99 करोड़ पर पहुंचा, जबकि प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 53% की बढ़ोतरी के साथ ₹23.16 करोड़ दर्ज किया गया।
नौ महीनों का प्रदर्शन और स्टैंडअलोन नतीजे
यह दमदार प्रदर्शन सिर्फ एक तिमाही तक सीमित नहीं रहा। दिसंबर 2025 को समाप्त हुए नौ महीनों के दौरान, कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 48% बढ़कर ₹439.62 करोड़ हो गया, जबकि EBITDA 73% बढ़कर ₹116.25 करोड़ और PAT 70% बढ़कर ₹71.35 करोड़ रहा। यह कंपनी के मजबूत ऑपरेटिंग लेवरेज को दर्शाता है।
स्टैंडअलोन ऑपरेशंस की बात करें तो, Q3 FY26 में रेवेन्यू 15% बढ़कर ₹105.22 करोड़ रहा, और नौ महीनों में यह 35% की बढ़त के साथ ₹314.69 करोड़ तक पहुंच गया।
मजबूत ऑर्डर बुक और भविष्य की राह
Kilburn Engineering के पास ₹495 करोड़ की एक मजबूत ऑर्डर बुक है, जो आने वाले समय में कंपनी के लिए रेवेन्यू की बेहतरीन विजिबिलिटी (Visibility) सुनिश्चित करती है। कंपनी का मैनेजमेंट फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए अपने ~50% रेवेन्यू ग्रोथ के लक्ष्य को लेकर काफी आश्वस्त है।