Kaynes Technology ने अब तेजी से रेवेन्यू बढ़ाने के बजाय कैश कलेक्शन पर ध्यान देने का फैसला किया है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी का ऑपरेटिंग कैश फ्लो नेगेटिव **₹600.4 करोड़** रहा, जिसके बाद कंपनी ने स्मार्ट-मीटरिंग बिजनेस में ग्रोथ को धीमा करने का बड़ा कदम उठाया है।
चुनौती और बदली हुई प्राथमिकता
Kaynes Technology एक नई दिशा में कदम बढ़ा रही है। कंपनी का लक्ष्य अब आक्रामक रेवेन्यू ग्रोथ के बजाय अपने कैश फ्लो मैनेजमेंट को दुरुस्त करना है। सितंबर 2026 की शुरुआत में कंपनी का शेयर लगभग ₹3,598 पर कारोबार कर रहा था, और अब कंपनी अपने कामकाज में अनुशासन लाने की कोशिश कर रही है।
क्यों दबाव में है कंपनी?
फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी का रेवेन्यू ₹3,626.4 करोड़ रहा, लेकिन निवेशकों की चिंता का मुख्य कारण ₹600.4 करोड़ का नेगेटिव ऑपरेटिंग कैश फ्लो है। इसका मतलब है कि कंपनी अपने ऑपरेशन पर जितना खर्च कर रही है, उतना पैसा ग्राहकों से वसूल नहीं पा रही है। वर्किंग कैपिटल की समस्या मुख्य रूप से स्मार्ट-मीटरिंग सेगमेंट में देखी जा रही है, जहां पेमेंट में देरी के कारण कंपनी का वर्किंग कैपिटल साइकिल वित्त वर्ष 2025 के 87 दिन से बढ़कर 2027 की पहली तिमाही में 163 दिन तक पहुंच गया है।
भविष्य की योजना और जोखिम
कैश की स्थिति सुधारने की कोशिशों के बीच कंपनी ने ₹8,500 करोड़ का बड़ा कैपिटल एक्सपेंडिचर प्लान (FY28 तक) बरकरार रखा है। यह पैसा OSAT और मल्टीलेयर PCB मैन्युफैक्चरिंग जैसे हाई-ग्रोथ एरिया में निवेश किया जाएगा। हालांकि, इतने बड़े निवेश के साथ एग्जीक्यूशन रिस्क और मुनाफे पर डेप्रिसिएशन का असर भी पड़ सकता है।
मैनेजमेंट को उम्मीद है कि फाइनेंशियल ईयर 2027 के अंत तक ऑपरेटिंग कैश फ्लो पॉजिटिव हो जाएगा। अब बाजार की नजर इस बात पर है कि कंपनी अपनी लिक्विडिटी को कैसे संभालती है और नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स के काम में कितनी तेजी लाती है।
