क्यों धड़ाम हुआ Kansai Nerolac का मुनाफा?
Kansai Nerolac Paints Ltd. (KANSAINER) ने दिसंबर 2025 को समाप्त तिमाही के नतीजे जारी किए, जिसमें कंपनी के मुनाफे (Profit) में भारी गिरावट देखी गई। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹680 करोड़ से घटकर इस तिमाही में महज ₹121 करोड़ रह गया। यह 82.2% की जबरदस्त गिरावट है। गनीमत है कि रेवेन्यू (Revenue) में हल्की बढ़ोतरी हुई है, जो 3.1% बढ़कर ₹1,928 करोड़ तक पहुंच गया। लेकिन, बढ़ते खर्चों और नई लेबर कोस्ट के भारी बोझ ने कंपनी के बॉटम लाइन (Bottom Line) पर गहरा असर डाला है।
लेबर कोस्ट का ₹44.7 करोड़ का झटका और मार्जिन पर दबाव
कंपनी के नतीजों पर सबसे बड़ा असर नई लेबर कोस्ट (Labour Code) के कारण हुए ₹44.7 करोड़ के अतिरिक्त खर्च का रहा। इसके अलावा, ऑपरेशनल परफॉरमेंस (Operational Performance) भी थोड़ी कमजोर रही। कंपनी का EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और एमोर्टाइजेशन से पहले की कमाई) 2.3% गिरकर ₹230 करोड़ रहा, और EBITDA मार्जिन (Margin) फिसलकर 11.6% पर आ गया, जो पिछले साल इसी तिमाही में 12.2% था। इससे साफ है कि कुछ असाधारण खर्चों के अलावा, कंपनी के मार्जिन पर भी दबाव बढ़ा है।
सेगमेंट की परफॉरमेंस और भविष्य की उम्मीदें
हालांकि, कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर प्रवीण चौधरी (Pravin Chaudhari) ने इंडस्ट्रियल कोटिंग्स, खासकर ऑटोमोटिव सेगमेंट में मजबूत ग्रोथ का जिक्र किया है। OEM कैटेगरी से अच्छी डिमांड और GST रेट में हुए बदलावों को इसका श्रेय दिया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि आने वाले समय में ऑटोमोटिव और परफॉरमेंस कोटिंग्स में ग्रोथ बनी रहेगी। वहीं, डेकोरेटिव पेंट्स सेगमेंट में रिकवरी धीमी रहने की उम्मीद है। यह तस्वीर बताती है कि कुछ सेक्टर्स में डिमांड अच्छी है, लेकिन लागत के मोर्चे पर कंपनी को अभी भी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। आपको बता दें कि भारतीय पेंट और कोटिंग्स मार्केट के 2026 तक USD 11.43 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है, लेकिन बढ़ती प्रतिस्पर्धा और विज्ञापन खर्चों के कारण सेक्टर के ऑपरेटिंग मार्जिन पर FY26 तक 14% तक की नरमी आने की आशंका है।
वैल्यूएशन और मार्केट का रिएक्शन
Kansai Nerolac के शेयर 3 फरवरी 2026 को नतीजों के ऐलान के बाद 2.68% गिरकर ₹227.89 पर बंद हुए। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Capitalisation) करीब ₹18,446 करोड़ है। कंपनी का TTM (trailing twelve-month) P/E रेश्यो (Price-to-Earnings Ratio) 29.13 है, जो इसके बड़े प्रतिस्पर्धियों (Peers) जैसे Asian Paints (P/E करीब 56-61) और Berger Paints (P/E करीब 49-55) के मुकाबले काफी सस्ता है। यह वैल्यूएशन गैप निवेशकों की profitability में अस्थिरता और कम ROCE (Return on Capital Employed) (जो 13.03% है, जबकि Asian Paints का 25.7% है) को लेकर चिंता को दर्शाता है। पिछले एक साल में शेयर ने 4.49% का निगेटिव रिटर्न दिया है। फिर भी, ब्रोकरेज एनालिस्ट्स (Analysts) का औसत टारगेट प्राइस करीब ₹280.37 है, जो मौजूदा स्तरों से 23% से ज्यादा की बढ़ोतरी का संकेत देता है।
मैक्रो फैक्टर और कंपनी की राह
भारतीय ऑटोमोटिव सेक्टर में 2026 तक 5.5% की ग्रोथ का अनुमान है, जो ऑटोमोटिव कोटिंग्स के लिए एक मजबूत डिमांड बेस तैयार करता है। रियल एस्टेट और कंस्ट्रक्शन सेक्टर में भी सरकारी खर्चों और हाउसिंग डिमांड के चलते तेजी की उम्मीद है, जो डेकोरेटिव पेंट्स की डिमांड को बढ़ा सकता है। हालांकि, इन सकारात्मक मैक्रो इकोनॉमिक (Macro Economic) संकेतों के बावजूद, Kansai Nerolac को Q3 FY26 में लागत दबाव और मार्जिन संबंधी चुनौतियों से निपटना पड़ा है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कंपनी इस डिमांड को लगातार प्रॉफिट ग्रोथ में कैसे बदल पाती है।