📉 नतीजों का पूरा लेखा-जोखा
Kamdhenu Ventures ने फरवरी 2026 के लिए अपने नतीजों का खुलासा किया है, जिसमें कंपनी के प्रदर्शन में साफ गिरावट दिखी है। Q3 FY26 में कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 15% लुढ़क कर ₹63.2 करोड़ पर आ गया। वहीं, पूरे नौ महीनों (9M FY26) में भी रेवेन्यू 7% घटकर ₹170.3 करोड़ रहा। प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में और भी ज्यादा गिरावट देखी गई; Q3 FY26 में यह 50% गिरकर सिर्फ ₹1.0 करोड़ रहा, जबकि 9M FY26 में 40% की गिरावट के साथ ₹2.9 करोड़ पर पहुंचा। राहत की बात यह है कि कंसोलिडेटेड EBITDA मार्जिन Q3 में 6.3% और 9M FY26 में 6.5% पर स्थिर रहा, लेकिन PAT मार्जिन पर दबाव साफ दिख रहा है।
🚨 बढ़ता कर्ज और घटता कैश फ्लो
कंपनी की बैलेंस शीट पर नजर डालें तो कर्ज का बोझ बढ़ता दिख रहा है। नॉन-करंट बोरिंग्स (Non-current borrowings) ₹0.2 करोड़ से बढ़कर ₹4.1 करोड़ हो गई हैं, और सितंबर 2025 तक करंट बोरिंग्स (current borrowings) ₹23.9 करोड़ तक पहुंच गई थीं। कंपनी की कुल संपत्ति (Total Assets) बढ़कर ₹278.5 करोड़ हो गई है, जिसमें इन्वेंटरी और ट्रेड रिसीवेबल्स में बढ़ोतरी देखी गई है, जो वर्किंग कैपिटल पर दबाव का संकेत दे सकती है। सबसे बड़ी चिंता ऑपरेटिंग कैश फ्लो (Operating Cash Flow) को लेकर है, जो सितंबर 2025 में समाप्त हुए छह महीनों में पिछले साल की ₹3.4 करोड़ की तुलना में गिरकर महज ₹0.5 करोड़ रह गया है।
🚩 रणनीति और भविष्य की राह
कंपनी का मैनेजमेंट 'प्रोडक्ट प्रीमियम-आइजेशन' (Product Premiumization) और अपने डीलर नेटवर्क को 4,466 डीलरों तक फैलाने पर जोर दे रहा है। इससे FY15 के बाद से एवरेज सेलिंग प्राइस (ASP) में 42% की बढ़ोतरी हुई है। कंपनी भारत के शहरीकरण और सरकारी आवास योजनाओं का फायदा उठाने की उम्मीद कर रही है। हालांकि, वर्तमान वित्तीय रुझान - घटता रेवेन्यू और प्रॉफिट, बढ़ता कर्ज, और कमजोर ऑपरेटिंग कैश फ्लो - कंपनी के लिए बड़े एग्जीक्यूशन रिस्क (execution risks) पैदा कर रहे हैं। निवेशकों को अब यह देखना होगा कि क्या कंपनी की ये रणनीतियां मौजूदा प्रदर्शन में आई गिरावट को पलट पाती हैं और आने वाली तिमाहियों में मुनाफे और कैश जनरेशन में सुधार ला पाती हैं या नहीं।
