मुनाफे में तेजी की वजह?
कंपनी के ₹20.80 करोड़ के नेट प्रॉफिट में बड़ा उछाल 'अन्य आय' (Other Income) की वजह से आया है। इस तिमाही में, 'अन्य आय' में ₹7.16 करोड़ का इजाफा हुआ, जिसमें इन्वेस्टमेंट पर मिले ₹5.43 करोड़ के लाभ भी शामिल थे। पिछले साल इसी क्वार्टर में 'अन्य आय' में नुकसान दर्ज किया गया था। इसके चलते, कंपनी का प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) भी 58.38% बढ़कर ₹26.83 करोड़ हो गया।
रेवेन्यू और ऑपरेशन का हाल
हालांकि, अगर ऑपरेशन से होने वाले रेवेन्यू की बात करें तो Q3 FY26 में यह 3.48% घटकर ₹168.83 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि में ₹174.96 करोड़ था। पिछले क्वार्टर (Q2 FY26) की तुलना में भी रेवेन्यू 11.67% गिरा है।
प्रमोटर कंपनी में बड़ा निवेश
इस बीच, बोर्ड ने एक बड़ा रणनीतिक कदम उठाते हुए प्रमोटर ग्रुप की कंपनी Kamdhenu Ventures Limited में ₹20.16 करोड़ के निवेश को मंजूरी दी है। यह पैसा 2,96,45,000 कनवर्टिबल वारंट्स को ₹6.80 प्रति वारंट की दर से सब्सक्राइब करके लगाया जाएगा। ये वारंट्स 18 महीनों के भीतर इक्विटी शेयरों में कनवर्ट हो सकते हैं। इस निवेश का मुख्य उद्देश्य Kamdhenu Ventures द्वारा अपनी सब्सिडियरी KCCL के ज़रिए पेंट और कोटिंग्स बिज़नेस का विस्तार करना है। वारंट्स कनवर्ट होने के बाद, Kamdhenu Limited की Kamdhenu Ventures में 8.62% हिस्सेदारी होगी।
आगे क्या?
निवेशकों की नज़रें अब इस बात पर रहेंगी कि कंपनी गिरते रेवेन्यू के ट्रेंड को कैसे पलटती है और प्रमोटर कंपनी में किया गया यह निवेश पेंट बिज़नेस को कितना बढ़ावा देता है। साथ ही, 'अन्य आय' पर निर्भरता और प्रमोटर ग्रुप की कंपनी में निवेश के गवर्नेंस पहलू भी जांच के दायरे में रहेंगे।