इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की दिग्गज कंपनी Kalpataru Projects International Limited को **₹2,025 करोड़** के नए ठेके मिले हैं। इस साल कंपनी का कुल ऑर्डर इनटेक **₹13,219 करोड़** के पार पहुंच गया है।
कंपनी ने पावर ट्रांसमिशन, बिल्डिंग, और ऑयल एंड गैस सेक्टर में इन नए ऑर्डर्स को हासिल किया है। इस बड़ी उपलब्धि के बाद कंपनी का ऑर्डर बुक काफी मजबूत हो गया है।\n\n### मैनेजमेंट का दम\nकंपनी के CEO और MD मनीष मोहनोट ने जानकारी दी है कि कंपनी अभी ₹12,000 करोड़ से ज्यादा की वैल्यू वाले प्रोजेक्ट्स के लिए सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी (L1) बनी हुई है। EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन) सेक्टर में L1 होना इस बात का संकेत है कि जल्द ही और नए कॉन्ट्रैक्ट्स कंपनी की झोली में आ सकते हैं।\n\n### निवेशकों के लिए क्या है चुनौती?\nहालांकि नया काम मिलना अच्छी बात है, लेकिन EPC सेक्टर में सबसे बड़ी चुनौती 'एग्जीक्यूशन' यानी काम को समय पर पूरा करने की होती है।\n\n1. मार्जिन का दबाव: स्टील और सीमेंट जैसी चीजों की कीमतों में उतार-चढ़ाव कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन को प्रभावित कर सकता है।\n2. वर्किंग कैपिटल: बड़े प्रोजेक्ट्स में पैसा फंसने की आशंका रहती है, जिससे कैश फ्लो पर असर पड़ सकता है।\n3. पेमेंट साइकिल: अगर क्लाइंट की तरफ से पेमेंट में देरी होती है, तो कंपनी पर कर्ज (Debt) का बोझ बढ़ने का जोखिम बना रहता है।\n\nनिवेशकों को सलाह है कि वे कंपनी के आने वाले क्वार्टरली नतीजों पर नजर रखें और यह देखें कि कंपनी कैसे अपने ऑर्डर्स को रेवेन्यू में बदल रही है।
