Kalpataru Projects Share: मुनाफे में 34% की ज़बरदस्त उछाल, पर स्टॉक में हल्की तेज़ी क्यों?

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AuthorMehul Desai|Published at:
Kalpataru Projects Share: मुनाफे में 34% की ज़बरदस्त उछाल, पर स्टॉक में हल्की तेज़ी क्यों?
Overview

Kalpataru Projects International Limited (KPIL) के लिए तीसरी तिमाही (Q3 FY26) शानदार रही, कंपनी के स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट में पिछले साल के मुकाबले **34%** की ज़बरदस्त बढ़ोतरी देखी गई, जो **₹211 करोड़** रहा। इस मजबूती का मुख्य कारण कंपनी के अलग-अलग सेगमेंट्स में प्रोजेक्ट्स का सफल एग्जीक्यूशन रहा। वहीं, कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू भी **20%** बढ़कर **₹5,788 करोड़** हो गया। इसके बावजूद, शेयर बाजार में स्टॉक ने सिर्फ **0.64%** की मामूली बढ़त दिखाई।

स्टैंडअलोन नतीजे दमदार, पर कंसोलिडेटेड में धीमी गति

Kalpataru Projects International Limited (KPIL) ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही के नतीजे पेश किए, जिसमें कंपनी के स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर 34% का बड़ा उछाल आया और यह ₹211 करोड़ पर पहुंच गया। यह शानदार प्रदर्शन ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन (T&D), बिल्डिंग और फैक्ट्रीज, और ऑयल एंड गैस जैसे प्रमुख डिवीज़न्स में प्रोजेक्ट्स के दमदार एग्जीक्यूशन का नतीजा है। स्टैंडअलोन रेवेन्यू में 20% की बढ़ोतरी के साथ यह ₹5,788 करोड़ रहा। प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) में तो 44% का उछाल देखा गया, जो ₹314 करोड़ रहा, और PBT मार्जिन 90 बेसिस पॉइंट बढ़कर 5.4% हो गया।

हालांकि, जब हम कंसोलिडेटेड नंबर्स पर नजर डालते हैं, तो तस्वीर थोड़ी अलग दिखती है। कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 16% बढ़कर ₹6,665 करोड़ हुआ, लेकिन कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में बढ़ोतरी काफी धीमी रही, जो सिर्फ 7% बढ़कर ₹149 करोड़ रहा। स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड मुनाफे के बीच इस अंतर पर निवेशकों को गौर करना होगा। शेयर बाजार में भी इस खबर का असर सीमित रहा और 4 फरवरी, 2026 को शेयर ₹1,134.50 पर, यानी महज 0.64% की बढ़त के साथ बंद हुआ।

मजबूत ऑर्डर बुक और इंफ्रा सेक्टर का सहारा

भविष्य के लिए कंपनी का आउटलुक काफी मजबूत दिख रहा है। 31 दिसंबर, 2025 तक कंपनी के पास ₹63,287 करोड़ का ज़बरदस्त ऑर्डर बुक है, जो आने वाले लगभग तीन सालों के एग्जीक्यूशन की विजिबिलिटी देता है। इस फाइनेंशियल ईयर में अब तक KPIL ने ₹19,456 करोड़ के नए ऑर्डर हासिल किए हैं और कंपनी ₹7,000 करोड़ के और ऑर्डर्स के लिए सबसे अच्छी पोजीशन में है।

यह मजबूत ऑर्डर पाइपलाइन सरकार के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर फोकस से पूरी तरह मेल खाती है। यूनियन बजट 2026-27 में इंफ्रास्ट्रक्चर कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए रिकॉर्ड ₹12.2 लाख करोड़ का आवंटन किया गया है, जो पिछले साल से 11.4% ज्यादा है। यह बड़े पैमाने पर इंफ्रा खर्च EPC कंपनियों जैसे KPIL के लिए एक बड़ा बूस्टर है, जो T&D, रेलवे, रोड्स और अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में प्रोजेक्ट्स के लिए अच्छी मांग का संकेत देता है।

वैल्यूएशन और एनालिस्ट्स का नज़रिया

Kalpataru Projects International का P/E रेश्यो फिलहाल करीब 24.26 है, जो कंपनी के साइज और सेक्टर को देखते हुए एक वाजिब वैल्यूएशन माना जा रहा है। हालांकि, इस सेक्टर की बड़ी कंपनी Larsen & Toubro (L&T) करीब 33.45 के P/E पर ट्रेड कर रही है, जबकि PNC Infratech और KEC International के P/E रेश्यो क्रमशः 27.42 और 42.99 के आसपास हैं।

एनालिस्ट्स का नज़रिया मिला-जुला है। हाल ही में MarketsMojo ने मिले-जुले टेक्निकल सिग्नल्स के कारण Kalpataru Projects को 'Sell' रेटिंग दी है, भले ही वे इसके वैल्यूएशन को आकर्षक मानते हों। दूसरी ओर, कंपनी में 55.63% की बड़ी इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर होल्डिंग यह दिखाती है कि बड़े निवेशक कंपनी पर भरोसा रखते हैं। कंपनी के मैनेजमेंट ने भी वित्तीय अनुशासन पर जोर दिया है। CEO मनीष मोहनोत के अनुसार, कंपनी के नेट डेट में 29% की कमी आई है, जो ₹2,240 करोड़ रह गया है। यह कमी विंध्याचल रोड एसेट की बिक्री से भी मजबूत हुई है, जिससे ₹600 करोड़ से ज्यादा कैश मिला है।

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