मोर्बी संकट ने बढ़ाई Kajaria Ceramics की कमाई
Kajaria Ceramics के हालिया तिमाही नतीजों में 11% वॉल्यूम ग्रोथ और 12% रेवेन्यू में वृद्धि के साथ ₹1,373 करोड़ का आंकड़ा पार करना खास रहा। सबसे अहम बात यह है कि EBITDA मार्जिन बढ़कर 19.2% हो गया, जो कंपनी के लिए एक बड़ी राहत है। इस उछाल का मुख्य कारण मोर्बी टाइल मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर में चल रही दिक्कतों को माना जा रहा है। मोर्बी में गैस की ऊंची कीमतें और सप्लाई की कमी के चलते वहां की छोटी कंपनियों को 35% से 40% तक दाम बढ़ाने पड़े, जिसका सीधा फायदा Kajaria Ceramics जैसी बड़ी और संगठित कंपनियों को मिला।
मार्जिन की स्थिरता पर संशय
EBITDA मार्जिन का 19.2% तक पहुंचना कंपनी के लिए अच्छा है, लेकिन मैनेजमेंट का कहना है कि सामान्य हालात लौटने पर यह 18% से 19% के बीच स्थिर हो सकता है। कंपनी की ताकत उसके विविध फ्यूल विकल्पों में भी है, जैसे बायोफ्यूल और कोल, जो सिर्फ गैस पर निर्भर कंपनियों को महंगा साबित हो रहा है। इससे Kajaria Ceramics को लागत में फायदा मिल रहा है।
प्राइसिंग पावर और वैल्यूएशन का खेल
Kajaria Ceramics ने फ्यूल लागत को कवर करने के लिए कीमतों में 12-13% से लेकर 16-17% तक की बढ़ोतरी की है। अच्छी बात यह है कि मांग पर इसका ज्यादा असर नहीं पड़ा है। इंडस्ट्री में भी प्राइसिंग डिसिप्लिन बेहतर हुआ है, जो कि पहले के मुकाबले एक बड़ा बदलाव है। हालांकि, शेयर का फॉरवर्ड P/E 29x (FY28 अर्निंग्स पर आधारित) बताता है कि मौजूदा शेयर भाव में निकट भविष्य की सारी अच्छी खबरें पहले ही शामिल हो चुकी हैं। ब्रोकरेज हाउसेस इस पर मिले-जुले संकेत दे रहे हैं।
अंदरूनी सुधार और विस्तार की योजना
Financial Year 2026 Kajaria के लिए एक बदलाव का साल रहा, जिसमें सेल्स, डिस्ट्रीब्यूशन को बेहतर बनाने और इन्वेंटरी मैनेजमेंट पर काम हुआ। इन कदमों से अब कंपनी को फायदा दिख रहा है। कंपनी 10 मिलियन स्क्वायर मीटर की क्षमता विस्तार की योजना पर काम कर रही है, जिस पर ₹210 करोड़ का निवेश होगा और यह FY27 तक पूरा होने की उम्मीद है।
निवेशकों के लिए चिंताएं
सबसे बड़ी चिंता यह है कि मोर्बी क्लस्टर के सामान्य होने के बाद क्या Kajaria Ceramics अपनी मौजूदा प्राइसिंग पावर और मार्जिन बनाए रख पाएगी। कंपनी का P/E 29x काफी ऊंचा है, और इसमें किसी भी तरह की मंदी या मार्जिन में कमी से शेयर में गिरावट आ सकती है। कंपनी के पास ₹6 प्रति शेयर का डिविडेंड और ₹1,380 के भाव पर ₹297 करोड़ का बायबैक प्रोग्राम भी है, जो मैनेजमेंट का भरोसा दिखाता है, लेकिन ऊंचा वैल्यूएशन कोई बड़ी गलती होने की गुंजाइश नहीं छोड़ता।
