KSH International शेयर में बहार! CARE ने बढ़ाई 'A' रेटिंग, रेवेन्यू ₹2000 Cr के पार

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
KSH International शेयर में बहार! CARE ने बढ़ाई 'A' रेटिंग, रेवेन्यू ₹2000 Cr के पार
Overview

KSH International के निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। CARE Ratings ने कंपनी की लॉन्ग-टर्म क्रेडिट रेटिंग को 'A-' से बढ़ाकर 'A' कर दिया है, साथ ही 'Stable' आउटलुक भी दिया है। यह अपग्रेड कंपनी के बढ़ते ऑपरेशन्स और प्रॉफिटेबिलिटी में आई मजबूती को दर्शाता है, जिसके चलते कंपनी का रेवेन्यू **₹1900 करोड़** के पार निकल गया है।

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रेटिंग अपग्रेड की मुख्य वजहें

CARE Ratings ने KSH International की क्रेडिट रेटिंग में यह सुधार खास तौर पर FY25 और 9MFY26 के दौरान कंपनी के ऑपरेशनल स्केल में आए उल्लेखनीय इजाफे और प्रॉफिटेबिलिटी में आई जबरदस्त मजबूती के कारण किया है। इसके अलावा, कंपनी की कैपिटल स्ट्रक्चर (Capital Structure) में दिसंबर 2025 में हुए IPO के बाद आई स्ट्रेंथनिंग और Supa ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट के फेज I का सफलतापूर्वक, तय समय और बजट में सितंबर 2025 में पूरा होना भी अहम कारण रहे।

FY25 में KSH International का टोटल ऑपरेटिंग इनकम (Total Operating Income) ₹1,935.15 करोड़ रहा, वहीं 9MFY26 तक यह बढ़कर ₹2,088.63 करोड़ तक पहुंच गया। कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (Profit After Tax) FY25 में ₹67.99 करोड़ और 9MFY26 में ₹75.60 करोड़ दर्ज किया गया।

निवेशकों और कंपनी के लिए क्या मायने?

क्रेडिट रेटिंग में यह सुधार KSH International के लिए वित्तीय रूप से काफी अहम है। इससे कंपनी की उधार लेने की क्षमता बढ़ सकती है और भविष्य में कर्ज पर ब्याज दरें भी कम होने की उम्मीद है। 'Stable' आउटलुक यह संकेत देता है कि रेटिंग एजेंसी को कंपनी के भविष्य के प्रदर्शन को लेकर भरोसा है।

कंपनी का बिज़नेस और भविष्य की योजनाएं

KSH International मुख्य रूप से पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रिब्यूशन सेक्टर के लिए वायर, केबल, कॉपर रॉड और पीवीसी कंपाउंड्स का निर्माण करती है। कंपनी ने दिसंबर 2025 में अपने IPO से करीब ₹420 करोड़ जुटाए थे, जिनका इस्तेमाल मुख्य रूप से कर्ज चुकाने और कैपिटल स्ट्रक्चर को बेहतर बनाने के लिए किया जाएगा।

कंपनी Supa प्रोजेक्ट का फेज II लाने की भी योजना बना रही है, जिसका लक्ष्य FY27 के अंत तक 18,000 MTPA की अतिरिक्त मैन्युफैक्चरिंग क्षमता जोड़ना है। वर्तमान में, कंपनी की कुल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता 43,445 MTPA है।

रिस्क फैक्टर जिन पर नज़र रखें

हालांकि, रेटिंग अपग्रेड के बावजूद कुछ रिस्क भी हैं जिन पर निवेशकों को गौर करना चाहिए। कच्चे माल, खासकर कॉपर की कीमतों में उतार-चढ़ाव KSH International के PBILDT मार्जिन (जो 5-7% की रेंज में रहने की उम्मीद है) पर दबाव डाल सकता है, क्योंकि कॉपर कंपनी की कुल रॉ मटेरियल लागत का लगभग 90% है। इसके अलावा, फॉरेक्स एक्सपोजर (Forex Exposure) और सेक्टर कंसंट्रेशन (Sectoral Concentration) भी ऐसे फैक्टर हैं जिन पर ध्यान देना महत्वपूर्ण होगा।

पियर कंपेरिजन (Peer Comparison)

वायर और केबल सेक्टर में KSH International की सीधी टक्कर KEI Industries और Polycab India जैसी बड़ी कंपनियों से है। जहां KEI Industries की रेटिंग CRISIL द्वारा 'AA-' और Polycab India की 'AA+' है, वहीं KSH International की CARE रेटिंग 'A' है। यह दर्शाता है कि KSH International को अभी अपने बड़े प्रतिस्पर्धियों की तुलना में अपनी क्रेडिट क्वालिटी को और मजबूत करने की गुंजाइश है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.