📉 नतीजों का पूरा लेखा-जोखा
कंपनी ने FY'26 की तीसरी तिमाही में ₹155 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी अवधि से 33% ज्यादा है। इस टॉप-लाइन ग्रोथ का सीधा असर बॉटम-लाइन पर दिखा, जहां EBITDA लगभग दोगुना हो गया और नेट प्रॉफिट 65% की तेजी से बढ़कर ₹23 करोड़ पर पहुँच गया। कंसोलिडेटेड EBITDA मार्जिन भी सुधरा है, जिसका श्रेय बैकवर्ड इंटीग्रेशन और इन्वेंट्री गेन को दिया जा रहा है।
वहीं, 9 महीने (9M FY'26) के कंसोलिडेटेड नतीजों पर नजर डालें तो कुल आय 40% बढ़कर ₹428 करोड़ रही। EBITDA में 53% की बढ़ोतरी के साथ यह ₹79 करोड़ पर पहुँचा, और नेट प्रॉफिट 40% बढ़कर ₹53 करोड़ हो गया।
स्टैंडअलोन (Standalone) बेसिस पर, 9M FY'26 के लिए कुल आय में 58% का बड़ा उछाल देखने को मिला, जो ₹485 करोड़ रही। EBITDA 32% बढ़कर ₹67 करोड़ और नेट प्रॉफिट 49% बढ़कर ₹54 करोड़ रहा। हालांकि, कंसोलिडेटेड मार्जिन में सुधार के बावजूद, स्टैंडअलोन EBITDA मार्जिन में कुछ गिरावट दिखी, जिसे कंपनी ने कच्चे माल की सीधी लागत को शामिल करने का कारण बताया है।
टैक्स रेट में भी बड़ी राहत मिली। Q3 FY'26 में इफेक्टिव टैक्स रेट पिछले साल के 28% से घटकर सिर्फ 12% रह गया, जिसका मुख्य कारण डेफरred टैक्स कैलकुलेशन रहा। कंपनी का वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट भी कुशल बना हुआ है, जिसमें इन्वेंट्री लगभग 2.5 महीने के स्तर पर है।
🚩 नई ऊंचाइयों की ओर विस्तार
आगे की राह और भी रोमांचक दिख रही है। कंपनी 11 मार्च 2026 को एक नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी का इनॉगरेशन करने वाली है। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि यह नई फैसिलिटी FY'26 में 20% और FY'27 में 50% तक यूटिलाइज हो जाएगी।
KRN Heat Exchanger बस एयर कंडीशनिंग (AC) सेगमेंट में आक्रामक तरीके से उतर रही है और FY'27 तक भारत में 15% मार्केट शेयर हासिल करने का लक्ष्य रखा है। डेटा सेंटर सेगमेंट भी कंपनी के लिए एक बड़ा ग्रोथ इंजन साबित हो रहा है, जो पहले से ही Q3 रेवेन्यू में 15% का योगदान दे रहा है। कंपनी का इरादा आने वाले वर्षों में भारत के कुल डेटा सेंटर हीट एक्सचेंजर ऑर्डर्स का 50% तक कैप्चर करने का है।
निवेशकों को स्टैंडअलोन मार्जिन में आई नरमी पर नजर रखनी होगी, जिसे ग्रोथ के साथ मैनेज करना कंपनी के लिए एक चुनौती होगी। नए वेंचर्स में प्रतिस्पर्धा और नई फैसिलिटी को तेजी से शुरू करने से जुड़े एग्जीक्यूशन रिस्क भी हैं।
हालांकि, ओवरऑल आउटलुक पॉजिटिव बना हुआ है। HVAC और रेफ्रिजरेशन सेक्टर में स्ट्रक्चरल टेलविंड्स, डेटा सेंटर्स और कमर्शियल एप्लीकेशंस से बढ़ती डिमांड, और टैरिफ में संभावित कमी से मिलने वाले फायदे कंपनी की राह आसान कर सकते हैं। हाल ही में UAE मार्केट से मिले ₹20 करोड़ के ऑर्डर ने कंपनी की एक्सपोर्ट ग्रोथ को भी बल दिया है।