KRN Heat Exchanger में सितंबर तिमाही के दौरान शेयरहोल्डिंग पैटर्न में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। जहां Mutual Funds ने अपनी हिस्सेदारी में **1.31 लाख** शेयर बढ़ाए हैं, वहीं VQ FasterCap और मुकुल अग्रवाल जैसे बड़े निवेशकों ने अपने पोर्टफोलियो से शेयर घटाए हैं।
बड़े खिलाड़ियों का एक्शन
सितंबर तिमाही के आंकड़ों पर नजर डालें तो शेयरहोल्डिंग स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव दिखा है। Mutual Funds ने नेट आधार पर करीब 1.31 लाख शेयर खरीदे हैं। इसमें सबसे बड़ा नाम Union Mutual Fund का है, जिसने अपनी 5 अलग-अलग स्कीमों के जरिए कंपनी के करीब 1.71 लाख शेयर खरीदे। अब इस कंपनी में निवेश करने वाले फंड हाउसों की संख्या 9 से बढ़कर 10 हो गई है।
कंसंट्रेशन पर नजर
हालांकि नए निवेशक आ रहे हैं, लेकिन अभी भी एक बड़े हिस्से पर WhiteOak Capital का कब्जा है। कंपनी के पास 11 स्कीमों में कुल 13.89 लाख शेयर हैं। गौर करने वाली बात यह है कि कुल म्यूचुअल फंड होल्डिंग में इनकी हिस्सेदारी जून के 67% से घटकर 63% पर आ गई है। इसके अलावा Samco Small Cap Fund और Motilal Oswal Microcap 250 Index Fund ने भी अपनी पोजीशन बढ़ाई है।
बड़े निवेशकों की बिकवाली और बाजार का रुख
एक तरफ जहां फंड हाउस खरीदारी कर रहे थे, वहीं दिग्गज निवेशक बिकवाली भी कर रहे थे। VQ FasterCap ने अपनी हिस्सेदारी में लगभग 28% की कटौती की और 4.39 लाख शेयर बेचे। वहीं, निवेशक मुकुल अग्रवाल ने भी 1 लाख शेयर कम किए हैं, हालांकि अभी भी कंपनी में उनकी 1.37% हिस्सेदारी बरकरार है।
इन बड़े निवेशकों की कुल 5.39 लाख शेयरों की बिकवाली को बाजार ने काफी मजबूती से सोखा है। यह संकेत देता है कि रिटेल या अन्य छोटे संस्थानों की ओर से खरीदारी की तगड़ी मांग बनी हुई है।
आगे का रास्ता
कंपनी ने हाल ही में QIP के जरिए ₹350 करोड़ जुटाए हैं और उसे कई नए ऑर्डर भी मिले हैं। पिछले कुछ समय में स्टॉक 15% चढ़ा है। निवेशकों के लिए अब महत्वपूर्ण यह देखना होगा कि कंपनी जुटाए गए फंड का इस्तेमाल कैसे करती है और नए ऑर्डर्स को कितनी जल्दी एग्जीक्यूट करती है। रॉ मटेरियल की बढ़ती लागत और सेक्टर के कड़े कॉम्पिटिशन के बीच आने वाले नतीजों पर नजर रखना जरूरी होगा।
