KONE Corporation अब भारत के पुराने एलिवेटर्स मार्केट में डिजिटल बदलाव लाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। कंपनी का लक्ष्य सर्विस रेवेन्यू बढ़ाना है, लेकिन निवेशकों की नजर कंपनी के **€29.4 बिलियन** के TK Elevator अधिग्रहण और CCI (Competition Commission of India) की मंजूरी पर टिकी है।
भारत में डिजिटल विस्तार
KONE Corporation भारत में अपने मौजूदा एलिवेटर इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने की रणनीति पर तेजी से काम कर रही है। देश भर में लगे लगभग 10 लाख एलिवेटर्स को देखते हुए, कंपनी अब पुराने भवनों में सुरक्षा और दक्षता सुधारने पर जोर दे रही है। इसी क्रम में, 9 अक्टूबर 2026 को पुणे में कंपनी ने अपना पहला डिजिटल एक्सपीरियंस सेंटर खोला है, जो प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस और यात्री सुरक्षा को बेहतर बनाएगा।
रेवेन्यू का नया मॉडल
कंपनी अपनी बिजनेस रणनीति को नए उपकरणों की बिक्री से हटाकर सर्विस और मॉर्डनाइजेशन की ओर मोड़ रही है। वैश्विक स्तर पर, KONE के कुल रेवेन्यू में इस सेगमेंट की हिस्सेदारी 65% से अधिक है। भारत में कंपनी का लक्ष्य अगले एक साल में अपने कनेक्टेड एलिवेटर फ्लीट को बढ़ाकर 1,00,000 यूनिट्स तक ले जाना है, जिससे अपग्रेड का समय घटकर केवल 1 सप्ताह रह जाएगा।
फाइनेंशियल सेहत और चुनौतियाँ
वित्तीय मोर्चे पर, 2026 की दूसरी तिमाही में कंपनी ने €2.94 बिलियन की सेल्स दर्ज की है, जिसमें एडजस्टेड EBIT मार्जिन 12.6% रहा है। हालांकि, चीन के नए उपकरण बाजार में सुस्ती कंपनी के वैश्विक प्रदर्शन के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
मेगा मर्जर और रेगुलेटरी पेंच
KONE €29.4 बिलियन में TK Elevator का अधिग्रहण करने की प्रक्रिया में है। हालांकि कंपनी की एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग ने इस डील को मंजूरी दे दी है, लेकिन अंतिम प्रक्रिया अभी भी कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) जैसे नियामकों की मंजूरी पर निर्भर है। 2027 तक इस डील के पूरा होने की उम्मीद है, लेकिन एंटी-ट्रस्ट नियमों के चलते कुछ बाजारों में हिस्सेदारी बेचने की अनिश्चितता अभी भी निवेशकों के लिए चिंता का विषय है।
