सितंबर तिमाही के कमजोर मार्जिन ने निवेशकों को निराश किया है। KEI Industries के शेयर **10%** लुढ़ककर **₹3,816** पर आ गए हैं, क्योंकि कंपनी का केबल बिजनेस दबाव में है और EPC डिवीजन को नुकसान हुआ है।
मार्जिन पर दबाव से टूटा स्टॉक
बिकवाली का मुख्य कारण कंपनी के सितंबर तिमाही (Q2FY27) के नतीजे हैं। हालांकि कंपनी ने रेवेन्यू में 38.5% की शानदार बढ़ोतरी के साथ ₹3,776 करोड़ का आंकड़ा छुआ है, लेकिन मुनाफा मार्जिन के मोर्चे पर कंपनी उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी। कंपनी का नेट प्रॉफिट 29% बढ़कर ₹262 करोड़ रहा, लेकिन इसके बावजूद निवेशकों ने स्टॉक से दूरी बना ली।
EPC और केबल बिजनेस की चिंता
कंपनी के कोर केबल बिजनेस में ऑपरेटिंग मार्जिन पर काफी दबाव देखा गया है। इसके साथ ही, EPC डिवीजन में हुए नुकसान ने कंपनी की कुल फाइनेंशियल परफॉर्मेंस को खराब कर दिया। KEI Industries के लिए कच्चा माल (जैसे कॉपर, एल्युमिनियम और स्टील) उसकी कुल ऑपरेटिंग लागत का 75% से ज्यादा हिस्सा होता है। कमोडिटी कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर कंपनी के प्रॉफिट पर सीधा पड़ता है, जिससे निवेशकों को डर है कि कंपनी की मार्जिन स्थिति आगे और चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
ब्रोकरेज की क्या है राय?
Motilal Oswal Financial Services के एनालिस्ट्स का कहना है कि EBITDA भले ही अनुमान के मुताबिक रहा हो, लेकिन केबल मार्जिन की कमजोरी और EPC सेगमेंट का खराब प्रदर्शन बाजार की उम्मीदों के विपरीत है। फिलहाल ब्रोकरेज ने 'Buy' रेटिंग बरकरार रखी है, लेकिन मैनेजमेंट की आगामी कॉन्फ्रेंस कॉल पर सबकी नजरें टिकी हैं।
52-वीक लो के करीब शेयर
NSE और BSE पर आज 12 लाख शेयरों का वॉल्यूम ट्रेड हुआ। स्टॉक अपने ₹5,931.40 (अगस्त 2026) के पीक से करीब 36% गिरकर अब ₹3,730 के 52-वीक लो के करीब कारोबार कर रहा है। मैनेजमेंट की आने वाली कमेंट्री ही तय करेगी कि EPC बिजनेस कब तक रिकवर होगा और मार्जिन में कब सुधार आएगा।
