KEC International: डेटा सेंटर की धूम, पर पानी वाले बिज़नेस में झटका! एनालिस्ट्स का 'Strong Buy'

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
KEC International: डेटा सेंटर की धूम, पर पानी वाले बिज़नेस में झटका! एनालिस्ट्स का 'Strong Buy'
Overview

KEC International अपने 'डेटा सेंटर' बिज़नेस से अगले **दो साल** में **₹1,000 करोड़** का सालाना रेवेन्यू कमाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। कंपनी का ऑर्डर बुक भी तेजी से बढ़ रहा है, जो भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रोथ के साथ तालमेल बिठा रहा है।

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डेटा सेंटर की रफ्तार पकड़ती दुनिया

KEC International 'डेटा सेंटर' के कंस्ट्रक्शन मार्केट में बड़ा विस्तार करने की तैयारी में है। कंपनी का लक्ष्य है कि अगले दो साल में वे अपने 'सिविल' प्रोजेक्ट्स से करीब ₹1,000 करोड़ का सालाना रेवेन्यू हासिल कर लें। भारत में पांच 'डेटा सेंटर' प्रोजेक्ट्स को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद, कंपनी के पास आगे के कई और अवसरों के लिए मजबूत बिडिंग पाइपलाइन है। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि सरकारी डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पहलों के जोर पकड़ने से खास कंस्ट्रक्शन सर्विसेज़ की मांग बढ़ेगी। कंपनी का अनुमान है कि सिर्फ 'सिविल' काम के लिए प्रति मेगावाट ₹7-8 करोड़ और 'सिविल' के साथ-साथ 'मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और प्लंबिंग (MEP)' का काम होने पर प्रति मेगावाट ₹15-18 करोड़ तक का रेवेन्यू मिल सकता है। फरवरी 2026 तक, KEC International का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब ₹15,500 करोड़ है।

ऑर्डर बुक में जोरदार उछाल और रेवेन्यू की विजिबिलिटी

कंपनी के ऑर्डर बुक में काफी मजबूती दिख रही है। फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) के लिए अनुमानित ऑर्डर इनफ्लो मौजूदा करीब ₹20,400 करोड़ से बढ़कर ₹25,000 से ₹28,000 करोड़ तक पहुँचने की उम्मीद है। इसमें ₹4,000 करोड़ से ज़्यादा की L1 पोजीशन और बड़े प्रोजेक्ट्स पर चल रही बातचीत का बड़ा योगदान है। FY27 के लिए, KEC International का भरोसा है कि वे सालाना ऑर्डर इनफ्लो को ₹30,000 करोड़ से ऊपर ले जाएंगे। यह ग्रोथ भारत के उस इंफ्रास्ट्रक्चर मार्केट के अनुरूप है, जिसके 2030 तक करीब ₹25 लाख करोड़ तक पहुँचने का अनुमान है। FY2025 में कंस्ट्रक्शन GVA में 7.0-7.5% ग्रोथ की उम्मीद है। खासकर, 'ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन (T&D)' सेगमेंट, जो 'डेटा सेंटर' और रिन्यूएबल एनर्जी से जुड़ा है, एक अहम ड्राइवर रहा है।

पानी वाला बिज़नेस और लेबर की कमी: बड़ी चुनौतियाँ

'डेटा सेंटर' में उम्मीदों के बावजूद, KEC International का 'वाटर' सेगमेंट प्रदर्शन पर एक बड़ा बोझ बना हुआ है। धीमी पेमेंट और प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन (निष्पादन) की लगातार चुनौतियों के कारण ₹800-900 करोड़ की बकाया राशि (receivables) है। मौजूदा प्रोजेक्ट्स पर निवेश के कारण मासिक इनफ्लो उसी लेवल पर बना हुआ है। इन समस्याओं के साथ-साथ लेबर की कमी भी एक बड़ी दिक्कत है, जो मौसमी बाधाओं से और बढ़ गई है। मैनेजमेंट को निकट भविष्य में इसमें बड़ी राहत की उम्मीद नहीं है। ये ऑपरेशनल बाधाएं प्रोजेक्ट डिलीवरी और कैश फ्लो मैनेजमेंट को प्रभावित कर सकती हैं।

एनालिस्ट्स की राय और आगे की राह

KEC International का मौजूदा P/E रेश्यो पिछले बारह महीनों के आधार पर 22.8x से 30.4x के बीच है। इसी सेक्टर की दूसरी कंपनियों जैसे NCC Ltd. (P/E 13.0x) और Kalpataru Projects International Ltd. (P/E 17.3x) की तुलना में KEC प्रीमियम वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहा है। कंपनी के EBITDA मार्जिन हाल ही में करीब 7.2% बताए गए हैं, जो मार्जिन प्रेशर को दर्शाते हैं। हालांकि, कंपनी 'बुमिंग' भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में काम कर रही है, जिसने FY2024 में 9.9% की ग्रोथ देखी और आगे भी बढ़त जारी रहने का अनुमान है। 'डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर', जिसमें 'डेटा सेंटर' शामिल हैं, की मांग एक बड़ा मैक्रो टेलविंड है। ऐतिहासिक रूप से, कंपनी के स्टॉक ने बड़े ऑर्डर मिलने पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है, जो उसकी एग्जीक्यूशन क्षमता में निवेशक के भरोसे को दर्शाता है।

इन ऑपरेशनल चुनौतियों के बावजूद, एनालिस्ट्स का KEC International पर नज़रिया काफी हद तक सकारात्मक बना हुआ है। 20 में से 23 एनालिस्ट्स ने इसे 'Strong Buy' रेटिंग दी है। औसतन 12 महीने का प्राइस टारगेट करीब ₹860.35 है, जो मौजूदा स्तरों से 47% से ज़्यादा की संभावित अपसाइड का संकेत देता है। प्राइस टारगेट ₹1,084 तक भी हैं, जो 'डेटा सेंटर' और 'T&D' जैसे हाई-ग्रोथ सेक्टर्स में कंपनी की मजबूत पोजिशनिंग और ऑर्डर बुक की ताकत में विश्वास दिखाते हैं, बशर्ते कंपनी अपनी मौजूदा ऑपरेशनल दिक्कतों को दूर कर ले।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.