कंस्ट्रक्शन कंपनी K-nest ने अपने बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव किया है। कंपनी अब पारंपरिक काम छोड़कर DeepTech की ओर कदम बढ़ा रही है, जिसमें रोबोटिक्स और 3D प्रिंटिंग को शामिल किया जा रहा है।
फॉर्मवर्क से रोबोटिक्स तक का सफर
साल 2014 में स्थापित K-nest पहले मुख्य रूप से एल्युमिनियम फॉर्मवर्क सिस्टम के लिए जानी जाती थी। अब कंपनी ने अपना रुख बदलते हुए ऑटोनॉमस मोबाइल रोबोट और डिजिटल एलाइनमेंट सेंसर जैसे आधुनिक टूल्स पर फोकस करना शुरू किया है। इस तकनीक का मकसद कंस्ट्रक्शन साइट पर गलतियों को कम करना और Building Information Modeling (BIM) डेटा के जरिए काम की सटीकता बढ़ाना है।
सेक्टर में चुनौतियां
हालांकि यह बदलाव काफी महत्वाकांक्षी है, लेकिन कंस्ट्रक्शन सेक्टर काफी पारंपरिक है। रोबोटिक्स और 3D प्रिंटिंग को साइट पर लागू करने के लिए न केवल साइट मैनेजमेंट में बड़े बदलाव की जरूरत होगी, बल्कि वर्कफोर्स की स्किल भी बदलनी होगी। साथ ही, इस तेजी से बढ़ते बाजार में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों से मिलने वाली कड़ी प्रतिस्पर्धा भी एक बड़ी चुनौती है।
फंडिंग और भविष्य की रणनीति
जून 2025 में कंपनी ने Lighthouse Funds के नेतृत्व में $3.5 करोड़ की Series C फंडिंग जुटाई है। यह पूंजी कंपनी की रिसर्च और डेवलपमेंट में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। प्राइवेट इक्विटी निवेशकों की नजर अब इस बात पर है कि कंपनी कितनी कुशलता से इन हाई-टेक समाधानों को कमर्शियली सफल बना पाती है। कंपनी की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि क्या वे इन टूल्स से कंस्ट्रक्शन लागत कम करने और प्रोजेक्ट के समय में बचत करने का ठोस सबूत दे पाते हैं या नहीं।
