कस्टम अथॉरिटीज से मिली हरी झंडी
Jyoti Ltd. को कस्टम अथॉरिटीज से यह कन्फर्मेशन मिल गई है कि 15 अक्टूबर, 2025 को प्रोजेक्ट इंपोर्ट रेगुलेशंस, 1986 के तहत जारी किया गया 'शो कॉज नोटिस' अब बंद कर दिया गया है। यह नोटिस साल 2012 में इम्पोर्ट किए गए गुड्स पर कस्टम ड्यूटी में अंतर (differential customs duty) से संबंधित था। कंपनी ने 10 मार्च, 2026 को इस नोटिस से जुड़ी सभी देनदारियों का समाधान कर दिया है, जिसकी घोषणा आज की गई।
कस्टम अथॉरिटीज की ओर से 10 मार्च, 2026 को यह नोटिस इसलिए बंद किया गया क्योंकि Jyoti Ltd. ने प्रोजेक्ट रजिस्ट्रेशन सेटलमेंट के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट्स जमा कर दिए थे। इस समाधान से कंपनी पर जो एक बड़ा वित्तीय और कानूनी जोखिम मंडरा रहा था, वह खत्म हो गया है। इससे कंपनी के लिए रेगुलेटरी स्पष्टता भी बढ़ी है।
Jyoti Ltd. बिजली और पानी जैसे सेक्टर्स के लिए इलेक्ट्रिकल और हाइड्रोलिक इंजीनियरिंग इक्विपमेंट बनाती है। 1986 के प्रोजेक्ट इंपोर्ट रेगुलेशंस का मकसद खास प्रोजेक्ट्स के इम्पोर्ट पर कस्टम ड्यूटी में छूट देना है, जिसके लिए कॉन्ट्रैक्ट रजिस्ट्रेशन जरूरी होता है। अक्टूबर 2025 में Jyoti Ltd. ने यह बताया था कि उसे कस्टम विभाग से एक 'शो कॉज नोटिस' मिला है, जिसमें लगभग ₹34.58 करोड़ की मांग की गई थी। यह मांग 2012 में इम्पोर्ट किए गए गुड्स से जुड़ी थी, और कंपनी ने तब कहा था कि वह इस नोटिस को चुनौती देगी।
इस मामले के सुलझने से शेयरधारकों को निश्चितता मिली है, क्योंकि एक बड़ी कंटिंजेंट लायबिलिटी (contingent liability) अब क्लियर हो गई है। अब Jyoti Ltd. ज्यादा आत्मविश्वास से अपने संसाधनों का सही जगह निवेश कर सकेगी और यह ऐतिहासिक कंप्लायंस इश्यूज (compliance issues) को मैनेज करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
हालांकि, कंपनी अभी भी अन्य रेगुलेटरी चुनौतियों का सामना कर रही है। इनमें मई 2025 में सामने आया एक गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) लिटिगेशन शामिल है। इस केस में इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के गलत इस्तेमाल का आरोप है, और कंपनी GST ऑर्डर के खिलाफ अपील करने की योजना बना रही है। इससे पहले, कंपनी ने एक कॉर्पोरेट इंसॉल्वेंसी रेसोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) भी पूरा किया था, जो मार्च 2021 में एक सेटलमेंट के बाद खत्म हुआ था।
Jyoti Ltd. हेवी इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट सेक्टर में काम करती है और ABB India, Siemens India, BHEL, और CG Power जैसे स्थापित खिलाड़ियों से मुकाबला करती है। ये कंपनियाँ इलेक्ट्रिकल और इंडस्ट्रियल इक्विपमेंट की एक बड़ी रेंज बनाती हैं।
भविष्य में, निवेशक कंपनी के GST लिटिगेशन से जुड़ी नई जानकारियों पर नजर रखेंगे। आने वाली तिमाहियों में अनिश्चितताओं के कम होने का फायदा दिख सकता है, और ध्यान Jyoti Ltd. के मुख्य इलेक्ट्रिकल और हाइड्रोलिक इक्विपमेंट सेगमेंट्स में ऑर्डर इनफ्लो (order inflows) और एग्जीक्यूशन (execution) पर बना रहेगा।