Jyoti CNC Automation: Q3 में Revenue उछला, पर कर्ज़ और मार्जिन पर निवेशकों की पैनी नज़र!

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Jyoti CNC Automation: Q3 में Revenue उछला, पर कर्ज़ और मार्जिन पर निवेशकों की पैनी नज़र!
Overview

Jyoti CNC Automation ने Q3 FY26 के नतीजे जारी कर दिए हैं, जिसमें कंपनी के रेवेन्यू में **28.1%** का शानदार सालाना उछाल देखने को मिला है। इस दौरान EBITDA भी **37.3%** बढ़ा है। हालांकि, ऊँची फाइनेंस कॉस्ट और टैक्स के चलते PAT मार्जिन में **250 bps** की गिरावट और डेट-टू-इक्विटी रेशियो का **0.7x** तक पहुंचना निवेशकों के लिए चिंता का सबब बना है।

Q3 FY26: रेवेन्यू में बंपर ग्रोथ, पर मुनाफे पर पड़ा दबाव

Jyoti CNC Automation ने तिमाही नतीजों में दमदार टॉप-लाइन परफॉरमेंस दिखाई है। कंपनी का रेवेन्यू 28.1% बढ़कर ₹575.9 करोड़ पर पहुंच गया। वहीं, EBITDA में 37.3% की जोरदार वृद्धि दर्ज की गई, जो ₹155 करोड़ रहा। इसके साथ ही EBITDA मार्जिन 180 बेसिस पॉइंट्स (bps) सुधरकर 26.8% हो गया।

हालांकि, बॉटम-लाइन यानी नेट प्रॉफिट (PAT) में उतनी तेज़ी देखने को नहीं मिली। PAT 10.3% बढ़कर ₹88.5 करोड़ हुआ। PAT मार्जिन में 250 bps की गिरावट आई और यह 15.4% पर आ गया। इसका मुख्य कारण फाइनेंस कॉस्ट में बढ़ोतरी और टैक्स का ज़्यादा लगना बताया जा रहा है।

चालू फाइनेंशियल ईयर के पहले नौ महीनों (9MFY26) की बात करें तो रेवेन्यू 20.3% बढ़कर ₹1,494 करोड़ रहा, जबकि EBITDA 21.1% बढ़कर ₹379 करोड़ हुआ। इस दौरान PAT 18.5% बढ़कर ₹245 करोड़ रहा, जिसमें PAT मार्जिन 16.4% दर्ज किया गया।

"नेक्स्ट लीप" स्ट्रेटेजी और कैपेसिटी का विस्तार

कंपनी मैनेजमेंट ने "नेक्स्ट लीप" नाम से अपनी भविष्य की स्ट्रेटेजी पेश की है, जिसके तहत पीपल डेवलपमेंट, मार्केट एक्सपेंशन, प्रोडक्ट डेवलपमेंट और मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। कंपनी ने घोषणा की है कि वह सितंबर 2026 तक सालाना 10,000 मशीनें और बनाने की क्षमता हासिल कर लेगी। हाल ही में कंपनी की फ्रेंच सब्सिडियरी, Huron Graffenstaden SAS, में नए प्रोडक्शन प्लांट का उद्घाटन हुआ है, जिसने फ्रांस में कंपनी की उत्पादन क्षमता को दोगुना कर दिया है। इसके अलावा, कंपनी ने GU 8, AWT 20, BTM 200, ATM 200, HP 6000, Tachyon Beta और HUMA जैसे कई नए मशीन मॉडल भी लॉन्च किए हैं।

बढ़ता कर्ज़ और कैश फ्लो पर दबाव

कंपनी की बैलेंस शीट में निवेश की झलक साफ दिखती है। मार्च 2025 तक कंपनी की कुल संपत्ति बढ़कर ₹2,792 करोड़ हो गई, जिसमें प्रॉपर्टी, प्लांट और इक्विपमेंट में 47.9% और कैपिटल वर्क-इन-प्रोग्रेस (CWIP) में 250.8% की भारी बढ़ोतरी हुई।

वहीं, कंपनी पर कर्ज़ का बोझ भी काफी बढ़ा है। FY25 में डेट-टू-इक्विटी रेशियो बढ़कर 0.7x हो गया, जो FY24 में केवल 0.2x था। इससे पता चलता है कि कंपनी अब नेट कैश पोजिशन से नेट डेट पोजिशन में आ गई है।

कैश फ्लो की बात करें तो ऑपरेटिंग एक्टिविटीज से नेट कैश लगातार निगेटिव रहा है। FY25 में यह -₹105.4 करोड़ और FY24 में -₹77.0 करोड़ था। FY25 में कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए -₹329.0 करोड़ का बड़ा आउटफ्लो हुआ है।

आगे क्या? मजबूत ऑर्डर बुक और रिस्क फैक्टर

Jyoti CNC Automation का ऑर्डर बुक ₹4,585 करोड़ का है, जो आने वाले समय के लिए अच्छी रेवेन्यू विजिबिलिटी प्रदान करता है। कंपनी इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV), सेमीकंडक्टर और एयरोस्पेस जैसे हाई-ग्रोथ सेक्टर्स पर फोकस कर रही है।

हालांकि, निवेशकों को कुछ बातों पर खास ध्यान देना होगा: कर्ज़ का बढ़ता स्तर, PAT मार्जिन पर बना दबाव और लगातार निगेटिव ऑपरेटिंग कैश फ्लो। कंपनी की क्षमता विस्तार और बड़े ऑर्डर बुक को मुनाफे में बदलने की राह आसान नहीं होगी।

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