स्टैंडअलोन में दम, कंसोलिडेटेड में सवाल?
Jyoti CNC Automation Limited ने 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हुई तीसरी तिमाही (Q3 FY26) और नौ महीनों के वित्तीय नतीजे जारी किए हैं. कंपनी ने स्टैंडअलोन आधार पर अपने रेवेन्यू और मुनाफे में मजबूत साल-दर-साल (YoY) ग्रोथ दिखाई है.
तीसरी तिमाही के नतीजे (Q3 FY26):
- स्टैंडअलोन प्रदर्शन: कंपनी का रेवेन्यू 32.3% बढ़कर ₹529.77 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹400.02 करोड़ था. प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 36.0% की जोरदार बढ़ोतरी हुई और यह ₹105.16 करोड़ दर्ज किया गया, जो पिछले साल ₹77.33 करोड़ था. स्टैंडअलोन बेसिक ईपीएस (EPS) ₹4.62 रहा, जो पहले ₹3.40 था.
- कंसोलिडेटेड प्रदर्शन: कुल मिलाकर, कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 28.1% बढ़कर ₹575.90 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल यह ₹449.51 करोड़ था. कंसोलिडेटेड PAT में 9.2% की धीमी बढ़ोतरी के साथ ₹88.51 करोड़ दर्ज किया गया, जो पिछले साल ₹80.24 करोड़ था. कंसोलिडेटेड बेसिक ईपीएस (EPS) ₹3.89 रहा (पहले ₹3.53).
नौ महीनों के नतीजे (9M FY26):
- स्टैंडअलोन: रेवेन्यू 24.3% बढ़कर ₹1,350.31 करोड़ रहा और PAT 36.2% बढ़कर ₹256.22 करोड़ दर्ज किया गया.
- कंसोलिडेटेड: रेवेन्यू 20.3% बढ़कर ₹1,493.97 करोड़ रहा और PAT 18.5% बढ़कर ₹245.43 करोड़ दर्ज किया गया.
मार्जिन में आई गिरावट और ऑडिटर की टिप्पणी
जहां स्टैंडअलोन नतीजे कंपनी के मजबूत प्रदर्शन को दर्शाते हैं, वहीं कंसोलिडेटेड आंकड़ों में मुनाफे की दर (Profitability) में अंतर साफ दिख रहा है. स्टैंडअलोन PAT मार्जिन Q3 FY25 में करीब 19.3% से बढ़कर Q3 FY26 में 19.8% हो गया. इसके विपरीत, कंसोलिडेटेड PAT मार्जिन Q3 FY25 के लगभग 17.8% से घटकर Q3 FY26 में 15.4% हो गया. यह इंगित करता है कि सब्सिडियरीज (Subsidiaries) में खर्चों में वृद्धि या कम मुनाफे की वजह से कंसोलिडेटेड नतीजों पर असर पड़ा है.
एक और महत्वपूर्ण बात ऑडिटर की रिपोर्ट में सामने आई है. ऑडिटर ने स्टैंडअलोन नतीजों में एक सब्सिडियरी में किए गए निवेश पर 'इंपेअरमेंट (Impairment)' यानी मूल्यह्रास के लिए प्रोविजन (Provision) नहीं बनाने का जिक्र किया है. कंपनी का मैनेजमेंट का कहना है कि उन्हें निवेश की रिकवरी की उम्मीद है और इसलिए इसे ज़रूरी नहीं समझा गया. ऑडिटर ने भी इस पर कोई आपत्ति नहीं जताई है, जिसका मतलब है कि वे मैनेजमेंट के आकलन से सहमत हैं. हालांकि, निवेशकों को भविष्य में इस पर नज़र रखनी चाहिए.
आगे क्या?
कंपनी की साल-दर-साल ग्रोथ पॉजिटिव संकेत देती है, जो Jyoti CNC Automation के प्रोडक्ट्स की मजबूत मांग को दर्शाता है. मुख्य जोखिम सब्सिडियरी में निवेश की रिकवरी पर लगातार नज़र रखना है. निवेशक आने वाली तिमाहियों में कंसोलिडेटेड मार्जिन में सुधार की उम्मीद करेंगे. मैनेजमेंट की अगली अर्निंग्स कॉल (Earnings Call) में इस मार्जिन अंतर के कारणों और सब्सिडियरी निवेशों पर उनकी रणनीति को समझना महत्वपूर्ण होगा.