नतीजों ने चौंकाया: 101% बढ़ा मुनाफा!
Juniper Hotels ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही (Q3 FY'26) में अपने नतीजे पेश किए हैं, जो उम्मीद से कहीं बेहतर हैं। कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) साल-दर-साल 101% बढ़कर ₹65 करोड़ पहुंच गया। वहीं, कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 15% बढ़कर ₹300 करोड़ रहा।
वित्तीय प्रदर्शन की गहराई
इस तिमाही में कंपनी की कमाई के पैरामीटर्स में ज़बरदस्त सुधार देखा गया। ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमोर्टाइजेशन से पहले की कमाई (EBITDA) साल-दर-साल 31% बढ़कर ₹132 करोड़ पर पहुंच गई। सबसे खास बात यह रही कि EBITDA मार्जिन में 500 basis points का इजाफा हुआ और यह 44% दर्ज किया गया। वहीं, टैक्स से पहले का लाभ (PBT) 92% बढ़कर ₹83.5 करोड़ रहा।
अगर हम फाइनेंशियल ईयर 2026 के पहले नौ महीनों (9M FY'26) के नतीजों को देखें, तो नेट प्रॉफिट में तो जैसे भूचाल आ गया! यह पिछले साल की तुलना में 459% बढ़कर ₹91.2 करोड़ पर पहुंच गया, जबकि EBITDA मार्जिन 40% पर बना रहा।
इस बेहतरीन परफॉर्मेंस का श्रेय कंपनी ने मजबूत एवरेज रूम रेट (ARR) को दिया, जो 9% बढ़कर ₹12,818 हो गया। साथ ही, होटल में ऑक्यूपेंसी रेट (Occupancy Rate) भी 78% रहा। फूड एंड बेवरेज (F&B) रेवेन्यू में भी 25% की ग्रोथ देखी गई, जिसने कुल रेवेन्यू में 32% का योगदान दिया। इवेंट्स से होने वाली कमाई में भी 39% का ज़बरदस्त उछाल आया।
विस्तार की योजनाएं और बाजार का अवसर
Juniper Hotels अपने हाई-क्वालिटी लग्जरी और अपर-अपस्केल होटल पोर्टफोलियो को बनाने की रणनीति पर तेजी से काम कर रही है। कंपनी उन शहरों पर फोकस कर रही है जहाँ डिमांड ज्यादा है। भारतीय हॉस्पिटैलिटी मार्केट भविष्य में काफी ग्रोथ दिखाने वाला है। अनुमान है कि 2030 तक यह 9.4% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ेगा। खासकर लग्जरी सेगमेंट में डिमांड और सप्लाई के बीच बड़े अंतर के कारण अच्छी ग्रोथ की उम्मीद है।
प्रमुख प्रोजेक्ट्स और वित्तीय सेहत
कंपनी अपने विस्तार के पाइपलाइन पर तेजी से काम कर रही है। बेंगलुरु होटल का पहला फेज Q1 FY'27 में शुरू होने की उम्मीद है, जबकि दूसरा फेज FY'27 में शुरू होगा। कज़ीरंगा प्रोजेक्ट पर भी काम चल रहा है और गुवाहाटी होटल का निर्माण Q2 FY'27 में शुरू होने का लक्ष्य है। इसके अलावा, मुंबई में Grand Hyatt प्रॉपर्टी पर 314 नए कीज़ (keys) जोड़ने की भी अनुमति मिल गई है। कंपनी बेंगलुरु के JW Marriott के अधिग्रहण के लिए भी एक समाधान आवेदक (resolution applicant) है और मैरियट के साथ एसेट के फ्लैग पर चर्चा कर रही है।
कंपनी की वित्तीय सेहत भी दुरुस्त दिख रही है। नेट बैंक डेट-टू-EBITDA रेशियो (Net Bank Debt-to-EBITDA ratio) 1.3x पर है, यानी ₹569 करोड़ का नेट बैंक डेट है। कंपनी ने इस दौरान ₹30 करोड़ के टर्म लोन और ₹88 करोड़ की महंगी एक्सटर्नल कमर्शियल बोरिंग्स (ECBs) का भुगतान भी किया है। 31 दिसंबर, 2025 तक कंपनी के पास ₹237 करोड़ कैश और डिपॉजिट्स थे। कंपनी का औसत उधारी का खर्च 8.3% है।
एक और अहम बात यह है कि कंपनी के पास ₹1,000 करोड़ से अधिक का ब्रॉट-फॉरवर्ड लॉस (brought-forward losses) है, जिससे अगले कम से कम तीन साल तक कंपनी को टैक्स नहीं देना पड़ेगा। यह भविष्य में कंपनी के मुनाफे के लिए एक बड़ा बूस्टर साबित होगा।
भविष्य का अनुमान (Outlook)
मैनेजमेंट का मानना है कि वे पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के अपने टारगेट को पूरा कर लेंगे। चौथी तिमाही (Q4) में भी कारोबार मजबूत रहने की उम्मीद है। मुंबई, दिल्ली और अहमदाबाद जैसे प्रमुख बाजारों में ग्रोथ जारी रहने का अनुमान है। बेंगलुरु का नया होटल FY'27 में ₹25 करोड़ और FY'28 में ₹50-55 करोड़ EBITDA जोड़ने का अनुमान है। कंपनी हैदराबाद और नवी मुंबई में भी भविष्य के अवसरों को तलाश रही है।