घाटे से निकल मुनाफे में पहुंची John Cockerill India
John Cockerill India Limited के शेयरधारकों के लिए अच्छी खबर आई है। कंपनी ने 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर (FY25) के लिए ₹10.31 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। यह पिछले फाइनेंशियल ईयर 2024 (FY24) में हुए ₹5.38 करोड़ के नेट लॉस से एक बड़ा उलटफेर है।
रेवेन्यू में आई मामूली गिरावट, जानें वजह
मुनाफे में शानदार वापसी के बावजूद, कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल के ₹388.73 करोड़ से थोड़ा घटकर ₹357.59 करोड़ पर आ गया। मैनेजमेंट का कहना है कि यह गिरावट पिछले फाइनेंशियल ईयर में हुए प्रोजेक्ट डिले (Project Delay) के कारण है, जिसका असर रेवेन्यू रिकॉग्निशन (Revenue Recognition) पर पड़ा।
शेयरधारकों को मिलेगा डिविडेंड
कंपनी की बेहतर फाइनेंशियल हेल्थ को देखते हुए, बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने FY25 के लिए ₹7 प्रति शेयर (यानी 70%) फाइनल डिविडेंड (Dividend) देने की सिफारिश की है। यह शेयरधारकों के लिए एक अच्छी खबर है, जो कंपनी की रिकवरी पर भरोसा जताता है।
बढ़ी हुई कैश रिजर्व और आर्बिट्रेशन का मामला
कंपनी ने अपने कैश और बैंक बैलेंस को भी मजबूत किया है, जो अब ₹226.50 करोड़ पर पहुंच गया है। यह वित्तीय स्थिरता का संकेत देता है। हालांकि, एक चिंता की बात यह है कि कंपनी को फरवरी 2026 में Santander से आर्बिट्रेशन नोटिस (Arbitration Notice) मिला है। मैनेजमेंट का मानना है कि वे इस मामले में अपनी स्थिति मजबूत रखेंगे और इसका ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।
आगे क्या उम्मीद करें?
- कंपनी प्रॉफिट में वापस आ गई है, जो एक बड़ा पॉजिटिव संकेत है।
- डिविडेंड मिलने से शेयरधारकों को सीधा फायदा होगा।
- कैश रिजर्व बढ़ने से कंपनी की लिक्विडिटी (Liquidity) बेहतर हुई है।
- FY2026 की दूसरी तिमाही (Q2 2026) से नए कॉन्ट्रैक्ट्स (Contracts) लागू होने की उम्मीद है, जिससे रेवेन्यू में तेजी आ सकती है।
ध्यान रखने योग्य जोखिम
- Santander आर्बिट्रेशन के नतीजे कंपनी के लिए महत्वपूर्ण होंगे।
- रेवेन्यू में आई गिरावट का ट्रेंड बना रहता है या नहीं, इस पर नजर रखनी होगी।
- FY25 में लेबर कोड नियमों के चलते ₹11.41 करोड़ का एक-मुश्त नॉन-कैश खर्च भी हुआ था, जिसने नेट प्रॉफिट को प्रभावित किया।
