John Cockerill India: शेयरधारकों की बल्ले-बल्ले! कंपनी ने दिखाया दमदार Profit, बना ग्लोबल मेटल्स हब

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AuthorAditya Rao|Published at:
John Cockerill India: शेयरधारकों की बल्ले-बल्ले! कंपनी ने दिखाया दमदार Profit, बना ग्लोबल मेटल्स हब
Overview

John Cockerill India (JCIL) ने Q4 CY25 में शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **41%** बढ़कर **₹1,020.7 Mn** हो गया है और घाटे से निकलकर **₹103 Mn** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। इसके साथ ही, कंपनी अपने ग्लोबल मेटल्स बिज़नेस का इंडिया को सेंट्रल हब बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठा रही है।

आज क्या हुआ (आज की फाइलिंग)

John Cockerill India (JCIL) ने अपने फाइनेंशियल ईयर (CY25) में एक बड़ी वापसी की है। पिछले साल के ₹53.8 Mn के घाटे को पलटते हुए, कंपनी ने इस बार ₹103.1 Mn का पॉजिटिव नेट प्रॉफिट (PAT) दर्ज किया है।

यह शानदार परफॉरमेंस Q4 CY25 में और भी साफ दिखी, जहाँ कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 41.1% बढ़कर ₹1,020.7 Mn पर पहुँच गया।

कंपनी के पास ऑर्डर्स का भंडार भी तेजी से बढ़ा है। फाइनेंशियल ईयर के अंत तक, ऑर्डर बुक 74% बढ़कर ₹11,869 Mn तक पहुँच गई, और कंपनी ने साल भर में ₹8,600 Mn से ज़्यादा के नए ऑर्डर्स हासिल किए।

सबसे अहम बात यह है कि JCIL अब जॉन कॉकरिल ग्रुप (John Cockerill Group) के ग्लोबल मेटल्स बिज़नेस का भारत को सेंट्रल हब बनाने जा रही है। इसके लिए JCIL ने बेल्जियम की अपनी इकाई, John Cockerill Metals International SA, का अधिग्रहण पूरा कर लिया है।

ऐसा क्यों मायने रखता है

इस कदम से JCIL ग्लोबल मेटल्स ऑपरेशंस में सबसे आगे आ जाएगी, जिससे बिज़नेस पर ज़्यादा फोकस, पारदर्शिता और ऑपरेशनल तालमेल (synergies) में सुधार की उम्मीद है। भारत को ग्लोबल मेटल्स हब बनाने से JCIL को देश की मजबूत इकोनॉमी और इंडस्ट्रियल पॉलिसी का फायदा मिलेगा, जिससे कंपनी का इंटरनेशनल मार्केट में विस्तार होगा।

बैकस्टोरी (जमीनी हकीकत)

कंपनी लगातार ग्रोथ ट्रैक पर रही है। सितंबर 2025 में Godawari Power and Ispat से ₹50 करोड़ का कोल्ड रोलिंग मिल ऑर्डर इसी का हिस्सा था। Q3 FY2025 में ऑर्डर इंटेक दस गुना बढ़ा था। बेल्जियम की John Cockerill Metals International SA का अधिग्रहण कंपनी के लिए एक बड़ा बोर्ड-अप्रूव्ड फैसला था।

अब क्या बदलेगा

शेयरधारकों के लिए, JCIL अब जॉन कॉकरिल ग्रुप की ग्लोबल मेटल्स स्ट्रैटेजी का अहम हिस्सा होगी, जिससे ग्लोबल मार्केट तक पहुँच बढ़ेगी। इसके साथ ही, Taloja फैसिलिटी में नया रोल्स कोटिंग शेड Q1 CY26 में शुरू होने वाला है। कंपनी अब मेटल्स बिज़नेस के लिए ज़्यादा फोकस और ट्रांसपेरेंट स्ट्रक्चर के साथ काम करेगी।

जोखिम जिन पर नज़र रखें

हालांकि, कुछ जोखिम भी हैं जिन पर निवेशकों को ध्यान देना चाहिए। स्पेनिश कंपनियों Santander Coated Solutions S.L. और León Coated Solutions S.L. द्वारा एक पुराने स्टील इक्विपमेंट कॉन्ट्रैक्ट के उल्लंघन को लेकर आर्बिट्रेशन (arbitration) की कार्यवाही चल रही है, जिसके वित्तीय प्रभाव अभी देखे जाने बाकी हैं। इसके अलावा, बाजार की अनिश्चितता, बड़े कॉन्ट्रैक्ट्स को मैनेज करने की चुनौतियां, प्रतिस्पर्धा और सरकारी नीतियों में बदलाव जैसे सामान्य बिज़नेस रिस्क भी मौजूद हैं।

पियर्स तुलना

अगर पियर्स (peers) से तुलना करें, तो John Cockerill India इंडस्ट्रियल इक्विपमेंट और इंजीनियरिंग सेक्टर में Bajaj Steel Industries, LMW Ltd, और Jupiter Wagons जैसी कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है। हालिया वापसी के बावजूद, JCIL का 1-साल का रिटर्न 2.02% है, जो Bajaj Steel Industries के 122.62% से काफी कम है।

प्रासंगिक मेट्रिक्स (समय-बद्ध)

Consolidated CY25 रेवेन्यू ₹3,575.9 Mn रहा (CY24 में ₹3,887.3 Mn)।

Consolidated CY25 नेट प्रॉफिट ₹103.1 Mn (CY24 में -₹53.8 Mn)।

Consolidated Q4 CY25 रेवेन्यू ₹1,020.7 Mn (Q4 CY24 में ₹723.4 Mn)।

आगे क्या देखें

निवेशकों को 1 जनवरी, 2026 तक कंसॉलिडेटेड ग्लोबल मेटल्स बिज़नेस के इंटीग्रेशन पर नज़र रखनी चाहिए। साथ ही, Taloja फैसिलिटी में नए रोल्स कोटिंग शेड का प्रदर्शन, आर्बिट्रेशन के अपडेट्स, और कंपनी द्वारा नए ऑर्डर्स हासिल करने की क्षमता पर ध्यान देना महत्वपूर्ण होगा।

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