Jindal Steel ने छत्तीसगढ़ में प्रोसेस किए गए स्टील स्लैग का इस्तेमाल कर दुनिया की सबसे लंबी सड़क बनाकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किया है। यह प्रोजेक्ट कंपनी की इनोवेशन क्षमता को तो दिखाता है, लेकिन निवेशकों की नजरें कंपनी के हालिया नतीजों में दिख रहे मार्जिन दबाव और गिरते मुनाफे पर टिकी हैं।
इनोवेशन से मिली बड़ी उपलब्धि
Jindal Steel ने छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में 1.85 किलोमीटर लंबी फोर-लेन सड़क बनाकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह सड़क पूरी तरह से प्रोसेस किए गए स्टील स्लैग (औद्योगिक कचरे) से बनी है, जिसे CSIR-Central Road Research Institute के सहयोग से पूरा किया गया है। इस निर्माण में करीब 200,000 टन स्टील स्लैग का इस्तेमाल हुआ है, जो पर्यावरण और निर्माण क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
कारोबार के लिए फायदे का सौदा?
बिजनेस नजरिए से देखें तो स्टील स्लैग का इस्तेमाल पारंपरिक बिटुमेन वाली सड़कों की तुलना में लगभग 40% तक सस्ता पड़ता है। साथ ही, इन सड़कों की मजबूती ज्यादा है और मेंटेनेंस साइकिल 15 साल तक बढ़ सकता है। सरकार के 'वेस्ट टू वेल्थ' विजन के साथ मिलकर कंपनी अब राष्ट्रीय राजमार्गों (National Highways) के बड़े प्रोजेक्ट्स में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
निवेशकों के लिए क्या हैं चुनौतियां?
जहां एक ओर कंपनी तकनीकी ऊंचाइयां छू रही है, वहीं फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही के आंकड़े निवेशकों की चिंता बढ़ाने वाले हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹845 करोड़ रहा, जो पिछली तिमाही के मुकाबले 19.1% की गिरावट दिखाता है। साथ ही, ऑपरेटिंग मार्जिन भी 18.1% से गिरकर 17.2% पर आ गया है।
फिलहाल, निवेशकों को यह देखना होगा कि क्या कंपनी इस इनोवेशन के दम पर बढ़ती लागत और ऊंचे कर्ज को मैनेज कर पाती है या नहीं। आने वाली कुछ तिमाहियों में यह साफ होगा कि क्या यह 'वेस्ट टू वेल्थ' मॉडल कंपनी के मार्जिन में स्थिरता ला पाएगा या बाजार के दबाव के आगे इसे और संघर्ष करना होगा।
