पिछली तिमाही में हुए घाटे को भूलकर Jindal Steel ने इस बार बाजार को चौंका दिया है। कंपनी ने 'रिकॉर्ड बिक्री' के दम पर दमदार मुनाफा कमाया है, जिससे पूरे साल (FY26) के लिए कंपनी के प्रोडक्शन और सेल्स में भी रिकॉर्ड बने। लेकिन, इस चमकती तस्वीर के पीछे ₹16,019 करोड़ का भारी भरकम कर्ज और लगातार बढ़ता कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) कुछ ऐसी चिंताएं हैं जिन पर निवेशकों को गौर करना होगा।
तिमाही नतीजे और कंपनी का प्रदर्शन
मार्च 2026 में खत्म हुई तिमाही के लिए Jindal Steel & Power Ltd. ने ₹1,041 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट घोषित किया है। यह पिछले साल की इसी तिमाही में आए ₹304 करोड़ के घाटे से एक बड़ा उलटफेर है। इस शानदार परफॉरमेंस की वजह कंपनी का टोटल इनकम में 25% का उछाल है, जो ₹16,484.28 करोड़ पर पहुँच गया।
पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 में, कंपनी का नेट प्रॉफिट करीब 20% बढ़कर ₹3,361 करोड़ हो गया। इस दौरान कंपनी ने 9.25 मिलियन टन का रिकॉर्ड प्रोडक्शन और 8.68 मिलियन टन की सेल्स दर्ज की। कंपनी ने शेयरधारकों को ₹2 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड (Dividend) देने का भी ऐलान किया है।
इंडस्ट्री का मुकाबला और वैल्यूएशन
FY26 में Jindal Steel के प्रोडक्शन और सेल्स के रिकॉर्ड बेहतरीन रहे, लेकिन इसकी तुलना भारतीय स्टील सेक्टर के दूसरे बड़े खिलाड़ियों से भी जरूरी है। उदाहरण के लिए, JSW Steel का Q4 FY26 क्रूड स्टील प्रोडक्शन 3% घटकर 7.43 मिलियन टन रहा, जबकि Tata Steel ने FY26 में भारत में 23.48 मिलियन टन का रिकॉर्ड आउटपुट दर्ज किया। भारतीय स्टील मार्केट में इंफ्रास्ट्रक्चर से बढ़ती मांग के चलते अच्छी ग्रोथ की उम्मीद है, लेकिन ग्लोबल स्टील डिमांड बढ़ने की रफ्तार धीमी रहने का अनुमान है।
दिलचस्प बात यह है कि पिछले पांच सालों में Jindal Steel की कमाई औसतन 18% सालाना गिरी है, जो मेटल्स और माइनिंग इंडस्ट्री के 21.4% के सालाना औसत ग्रोथ के मुकाबले काफी कम है। कंपनी का मौजूदा P/E रेश्यो लगभग 33.41 है, जो इंडस्ट्री के मीडियन 26.44 और JSW Steel के 25 के P/E से ज्यादा है। यह प्रीमियम वैल्यूएशन निवेशकों की उम्मीदों को दर्शाता है।
कर्ज और कैपिटल एक्सपेंडिचर का दबाव
कंपनी की प्रोडक्शन और सेल्स बढ़ाने की आक्रामक रणनीति के साथ ₹16,019 करोड़ का बड़ा नेट डेट जुड़ा हुआ है। हालांकि कंपनी इस डेट को मैनेज कर रही है, लेकिन यह एक महत्वपूर्ण जोखिम है। मार्च 2025 में इसका डेट-टू-इक्विटी रेश्यो 0.38 था, जो हाल ही में करीब 38% के आसपास रहा। इसकी तुलना में Godawari Power Ispat का डेट-टू-इक्विटी रेश्यो सिर्फ 3.7% और Shyam Metalics and Energy का 10.1% है।
इसके अलावा, Q4 FY26 में ₹2,573 करोड़ का कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) और Thakurani – A1 आयरन ओर ब्लॉक जैसे अधिग्रहण कंपनी पर फाइनेंशियल बोझ बढ़ा सकते हैं। कंपनी का इंटरेस्ट कवरेज रेश्यो सुधरा है, लेकिन यह तभी टिकाऊ है जब कमाई स्थिर रहे, जबकि पिछले पांच सालों में कमाई में गिरावट का ट्रेंड रहा है। 33.41 के प्रीमियम P/E पर, कंपनी को अपनी ग्रोथ और डेट को प्रभावी ढंग से मैनेज करना होगा, खासकर जब ग्लोबल मार्केट में अनिश्चितता बनी हुई है।
आगे की राह
एनालिस्ट्स (Analysts) Jindal Steel के लिए मिली-जुली राय दे रहे हैं। ज्यादातर 'BUY' रेटिंग के साथ, औसत प्राइस टारगेट INR 1,221.30 के आसपास है। Emkay Global ने हाल ही में रेटिंग को 'Add' करते हुए टारगेट ₹1,125 रखा है, जबकि Goldman Sachs ने 'Neutral' रेटिंग के साथ टारगेट ₹1,335 दिया है। निवेशकों की नजरें कंपनी की ग्रोथ पहलों को डेट कम करने और कैपिटल एलोकेशन को मैनेज करने की क्षमता पर टिकी रहेंगी।
