Jindal Stainless ने सितंबर तिमाही के लिए ₹898 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। एक्सपोर्ट में शानदार तेजी के बावजूद, चीन से सस्ते आयात का दबाव कंपनी के मार्जिन पर असर डाल रहा है।
कंपनी ने सितंबर 2026 तिमाही के लिए शानदार प्रदर्शन करते हुए अपना नेट प्रॉफिट 11% बढ़ाकर ₹898 करोड़ दर्ज किया है। ऑपरेशनल रेवेन्यू 18.2% के उछाल के साथ ₹12,874 करोड़ पर पहुंच गया है, जिसके पीछे 664,378 टन की बिक्री का बड़ा हाथ है। जून तिमाही की तुलना में कंपनी का नेट प्रॉफिट लगभग 17% बढ़ा है।
ग्लोबल एक्सपोर्ट पर कंपनी का दांव
घरेलू बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा को देखते हुए कंपनी ने हाई-वैल्यू प्रोडक्ट्स और ग्लोबल मार्केट पर फोकस किया है। कंपनी का एक्सपोर्ट 36% बढ़ गया है और अब इसने जापान, ब्राजील, दक्षिण कोरिया, कोलंबिया और दक्षिण अफ्रीका जैसे बाजारों में अपनी पकड़ मजबूत की है।
चीन के आयात का दबाव
कंपनी के मैनेजमेंट ने चिंता जताई है कि चीन से आने वाले सस्ते स्टेनलेस स्टील के आयात में पिछले फाइनेंशियल ईयर के मुकाबले लगभग 3 गुना तक की बढ़ोतरी हुई है। क्वालिटी कंट्रोल ऑर्डर्स (QCO) के निलंबन से विदेशी कंपनियों के लिए भारतीय बाजार आसान हो गया है, जिससे घरेलू कीमतों पर भारी दबाव बना है। निवेशक अब इस बात पर नजर बनाए हुए हैं कि कंपनी अपने मार्जिन को कैसे सुरक्षित रखती है।
सब्सिडियरीज का मर्जर
कॉर्पोरेट स्ट्रक्चर को सरल बनाने के लिए कंपनी ने अपनी चार सब्सिडियरीज—Chromeni Steels, Rabirun Vinimay, JSL Super Steel और Jindal United Steel के मर्जर को मंजूरी दी है। इस कदम से एडमिनिस्ट्रेटिव कामकाज बेहतर होगा और कंप्लायंस कॉस्ट में कमी आएगी।
