मुनाफे में भारी गिरावट, पर डिविडेंड और विनिवेश को हरी झंडी
Jindal Saw Ltd. ने Q4 FY26 के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं, जिसमें कंपनी के नेट प्रॉफिट में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। पिछले साल की इसी तिमाही में ₹291 करोड़ का मुनाफा कमाने वाली कंपनी इस बार केवल ₹139.4 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज कर पाई, जो कि 52% की भारी गिरावट है। वहीं, कंपनी का कुल रेवेन्यू (Revenue) भी 8% घटकर ₹4,633.5 करोड़ पर आ गया, जो पिछले साल ₹5,046.6 करोड़ था।
मार्जिन पर दबाव और बोर्ड के अहम फैसले
परिचालन (Operational) के मोर्चे पर कंपनी के लिए चुनौतियाँ साफ दिख रही हैं। EBITDA मार्जिन घटकर 10.4% रह गया, जबकि एक साल पहले यह 14.6% था। इन कमजोर नतीजों के बावजूद, कंपनी के बोर्ड ने निवेशकों को खुशखबरी देते हुए फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए ₹2 प्रति इक्विटी शेयर डिविडेंड (Dividend) देने की सिफारिश की है। इसके अलावा, बोर्ड ने साइप्रस स्थित अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी 'Raleal Holdings Limited' के विनिवेश (Divestment) या लिक्विडेशन को भी मंजूरी दे दी है। हालांकि, इस सौदे को कब तक पूरा किया जाएगा, इसकी समय-सीमा अभी तय नहीं है।
इंडस्ट्री का आउटलुक और पियर्स की परफॉरमेंस
Jindal Saw लिमिटेड मुख्य रूप से स्टील पाइप्स के कारोबार में है, और इस सेक्टर के लिए भविष्य की संभावनाएं काफी उज्ज्वल दिख रही हैं। अनुमान है कि 2034 तक यह मार्केट 7.4% से 7.8% की CAGR से बढ़ सकता है, जिसका मुख्य कारण इंफ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure) पर सरकारी खर्च, खासकर पानी और तेल पाइपलाइन प्रोजेक्ट्स हैं। 2026 में भारत की स्टील मांग में 7.4% की बढ़ोतरी का अनुमान है।
हालांकि, अपने पियर्स (Peers) की तुलना में Jindal Saw के नतीजे थोड़े कमजोर रहे। Competitor Welspun Corp. ने Q4 FY26 में ₹456.36 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, भले ही इसमें 32.11% की गिरावट आई हो। वहीं, Electrosteel Castings Ltd. को तिमाही में ₹21.87 करोड़ का नेट लॉस हुआ।
भविष्य की राह और जोखिम
कंपनी के शेयर में 27 अप्रैल 2026 को 2.41% की तेजी के साथ ₹245.50 पर बंद हुआ था। एनालिस्ट्स (Analysts) फिलहाल 'Buy' रेटिंग दे रहे हैं और ₹262.50 से ₹278.46 के बीच टारगेट प्राइस (Target Price) देख रहे हैं, जो अगले 12 महीनों में 15.94% तक का अपसाइड दिखा सकता है।
लेकिन, कंपनी के लिए कुछ जोखिम भी हैं। Q4 में प्रॉफिट और मार्जिन में आई भारी गिरावट परिचालन दक्षता (Operational efficiency) और प्राइसिंग पावर पर सवाल खड़े करती है। MENA क्षेत्र में चल रहे संघर्षों का भी कंपनी की आय पर असर पड़ने की बात कही जा रही है। साइप्रस सब्सिडियरी को बेचना, भले ही यह एक स्ट्रेटेजिक कदम हो, लेकिन यह कंपनी पर वित्तीय दबाव का संकेत भी हो सकता है।
