Jefferies का इन 3 शेयरों पर भरोसा! Manappuram, Ambuja Cements, ACC में 34% तक का बंपर उछाल संभव

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AuthorNeha Patil|Published at:
Jefferies का इन 3 शेयरों पर भरोसा! Manappuram, Ambuja Cements, ACC में 34% तक का बंपर उछाल संभव
Overview

ब्रोकरेज फर्म Jefferies ने भारतीय शेयर बाजार के तीन प्रमुख स्टॉक्स - Manappuram Finance, Ambuja Cements और ACC पर अपना भरोसा जताया है। कंपनी की नई रिपोर्ट के मुताबिक, इन शेयरों में **22%** से लेकर **34%** तक की तेजी का अनुमान है।

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Manappuram Finance: ग्रोथ और रिकवरी के नए संकेत

Jefferies ने Manappuram Finance पर कवरेज की शुरुआत की है और इसके लिए ₹360 का टारगेट प्राइस सेट किया है, जो मौजूदा भाव से 22% ऊपर है। इस पॉजिटिव आउटलुक की वजह कंपनी का दमदार Q4 प्रदर्शन रहा, जहां ₹404.79 करोड़ का नेट प्रॉफिट (PAT) दर्ज किया गया। पिछले साल के लॉस के मुकाबले यह एक बड़ी रिकवरी है, जिसमें ₹130 करोड़ के प्रोविजन्स रिलीज और एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) में 22% की तिमाही ग्रोथ का बड़ा योगदान रहा। गोल्ड AUM में तो 31% का उछाल आया, जो कुल AUM को ₹63,800 करोड़ तक ले गया। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIMs) अब स्टेबल हो गए हैं और प्रोविजनिंग की जरूरतें भी पीक पर पहुंच गई हैं। FY28 तक कंपनी के प्रॉफिट में 2.6 गुना की ग्रोथ और रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) में सुधार होकर 13% तक पहुंचने का अनुमान है।

हालांकि, गोल्ड लोन सेक्टर को नए रेगुलेशन का सामना करना पड़ रहा है। अप्रैल 2026 से, RBI ने टायर्ड लोन-टू-वैल्यू (LTV) रेशियो लागू किया है, जिससे छोटे लोन 85% LTV तक आसान होंगे, लेकिन बड़े लोन के लिए कड़ी जांच की जरूरत होगी।

Manappuram Finance का P/E रेश्यो करीब 14.7x है, जो Muthoot Finance के 15.79x की तुलना में आकर्षक है। लेकिन, Manappuram का ROE 9.97% अभी भी Muthoot Finance के 27.21% और IIFL Finance के अनुमानित 18% (FY28) से पीछे है, जो ऑपरेशनल एफिशिएंसी में सुधार की गुंजाइश दिखाता है।

सीमेंट सेक्टर: लागत और डिमांड का समीकरण

वहीं, सीमेंट सेक्टर की दिग्गज Ambuja Cements और ACC पर Jefferies ने 'Buy' रेटिंग को बरकरार रखा है। Ambuja Cements के लिए ₹595 और ACC के लिए ₹1,830 का टारगेट दिया गया है, जो क्रमशः 34% और 29% का बड़ा अपसाइड दिखाता है। हालांकि, मार्च तिमाही (Q4) में दोनों कंपनियों ने कुछ चुनौतियों का सामना किया। ACC का नेट प्रॉफिट लागत दबाव (ईंधन, डीजल, पैकेजिंग की बढ़ी कीमतें) के कारण सालाना आधार पर 68% घटकर ₹238.25 करोड़ रह गया। वहीं, Ambuja Cements का नेट प्रॉफिट 78.5% बढ़कर ₹1,830 करोड़ हुआ, लेकिन इसमें ₹1,329.30 करोड़ के टैक्स रिवर्सल का बड़ा हाथ था। ऑपरेशनली, Ambuja का EBITDA मार्जिन घटकर 13.4% पर आ गया, जो पिछले साल 18.7% था।

दोनों Adani Group की कंपनियों के मैनेजमेंट ने कहा है कि वे ऑपरेशंस को स्टेबल करने के लिए अपनी विस्तार योजनाओं में बदलाव कर रहे हैं। Jefferies को उम्मीद है कि बेहतर कॉस्ट कंट्रोल से परफॉरमेंस सुधरेगी। इनपुट कॉस्ट में बढ़ोतरी जारी है, लेकिन सरकार के इंफ्रास्ट्रक्चर पर ₹12.2 लाख करोड़ के बड़े खर्च से सीमेंट की डिमांड बढ़ने की उम्मीद है। ICRA के अनुसार, FY26 में सीमेंट वॉल्यूम 6-7.5% बढ़ सकता है और ऑपरेटिंग मार्जिन 16-17.5% के दायरे में रह सकते हैं।

आगे क्या हैं चुनौतियां?

Manappuram Finance के लिए गोल्ड लोन सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और RBI के नए नियमों का पालन करना अहम होगा। सीमेंट कंपनियों के लिए, लागत दबाव का बना रहना और डिमांड को बनाए रखना मुख्य चुनौतियां होंगी। Ambuja का प्रॉफिट जंप टैक्स रिवर्सल के कारण था, जबकि ACC को लागतों का असर झेलना पड़ा है, जो FY27 की पहली छमाही तक जारी रह सकता है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.