टारगेट से चूकी कंपनी, ये थीं वजहें
Jash Engineering का FY25-26 का रेवेन्यू ₹736 करोड़ रहा, जो कंपनी के अनुमानों से काफी कम है। पिछले साल की तुलना में रेवेन्यू में ज्यादा ग्रोथ देखने को नहीं मिली। अमेरिकी इंपोर्ट टैरिफ में बढ़ोतरी और मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष ने कंपनी के प्रदर्शन पर असर डाला।
टैरिफ में भारी कटौती, ऑर्डर बुक को बूस्ट
अच्छी खबर यह है कि कंपनी को अमेरिकी टैरिफ में बड़ी राहत मिली है। US सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद, इंपोर्ट टैरिफ लगभग 50% से घटकर 15% हो गया है। Jash Engineering अब अपनी पिछली ज्यादा चुकाई गई ड्यूटीज के रिफंड का दावा कर रही है, जिससे भविष्य में प्रॉफिट बढ़ने की उम्मीद है। 1 अप्रैल 2026 तक, कंपनी के पास ₹827 करोड़ की दमदार इंटरनेशनल ऑर्डर बुक है। इसमें ₹572 करोड़ के ऑर्डर विदेश से हैं, जिनमें अमेरिका और यूके के बड़े सौदे शामिल हैं। मार्च 2026 में ही ₹57 करोड़ के नए ऑर्डर मिले, जो बाजार में कंपनी की डिमांड को दिखाते हैं।
ग्लोबल अनिश्चितता, CAPEX पर रोक
मध्य पूर्व संकट के कारण कंपनी को शिपमेंट में दिक्कतें आ रही हैं और ग्लोबल शिपिंग व कंटेनर उपलब्धता पर भी असर पड़ा है। इस ग्लोबल अनिश्चितता को देखते हुए, Jash Engineering ने अमेरिका और सऊदी अरब में नए मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने की अपनी योजनाओं को फिलहाल टाल दिया है, जब तक कि बाजार स्थिर न हो जाए। यह कदम भारत के इंजीनियरिंग और EPC सेक्टर की दूसरी बड़ी कंपनियों जैसे Larsen & Toubro और KEC International के रुख से भी मेल खाता है, जो इस क्षेत्र से आने वाले नए ऑर्डर्स में संभावित गिरावट के जोखिम का आकलन कर रहे हैं।
वैल्यूएशन पर चिंता बनी हुई है
हालांकि, Jash Engineering के वैल्यूएशन को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। कंपनी के शेयर फिलहाल 41.94x से 47.17x के P/E (Price-to-Earnings) रेशियो पर ट्रेड कर रहे हैं। यह भारतीय मशीनरी इंडस्ट्री के औसत 23.9x और इसके इंडस्ट्रियल साथियों के 15.4x P/E के मुकाबले काफी ज्यादा है। पिछले एक साल में, Jash Engineering का शेयर इंडस्ट्री और बड़े भारतीय बाजार की तुलना में करीब 37% गिर चुका है। Q3 FY25-26 में ऑपरेटिंग और नेट प्रॉफिट साल-दर-साल घटा है, जो मार्जिन पर दबाव दिखाता है।
भविष्य की राह और एनालिस्ट की राय
आगे देखते हुए, Jash Engineering का लक्ष्य FY26-27 में ₹875 करोड़ का रेवेन्यू हासिल करना है, जो पिछले साल से 19% ज्यादा है। एनालिस्ट्स इस स्टॉक को लेकर ज्यादातर पॉजिटिव हैं और इसे 'Strong Buy' रेटिंग दे रहे हैं, जिसका 12 महीने का प्राइस टारगेट ₹600-₹612 है। यह मौजूदा स्तरों से 50% से ज्यादा की तेजी का संकेत देता है। अनुमान है कि कंपनी की अर्निंग्स प्रति शेयर (EPS) में सालाना 40.8% और रेवेन्यू में 17.3% की ग्रोथ दिखेगी। फरवरी 2026 में WesTech Process Equipment के अधिग्रहण से कंपनी के इंडस्ट्रियल प्रोसेस इक्विपमेंट बिजनेस को मजबूती मिलने की उम्मीद है।