📈 नतीजों का ब्यौरा: रेवेन्यू और मुनाफे में तगड़ा उछाल
Jain Resource Recycling Limited ने 9 महीने की अवधि (9M FY26) के लिए अपने वित्तीय नतीजे जारी किए हैं, जो काफी दमदार दिख रहे हैं। 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त 9M FY26 में, कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 38% बढ़कर ₹6,438 करोड़ पर पहुंच गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ₹4,669 करोड़ था। EBITDA में 65% का जबरदस्त उछाल देखा गया, जो ₹449 करोड़ रहा, और EBITDA मार्जिन करीब 7.0% रहा। प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) भी 65% बढ़ा और ₹281 करोड़ दर्ज किया गया, जबकि PAT मार्जिन 4.4% रहा।
सिर्फ 9 महीने ही नहीं, तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के नतीजे भी बेहतरीन रहे। इस तिमाही में रेवेन्यू 56% YoY बढ़कर ₹2,775.2 करोड़ हो गया। EBITDA तो दोगुना से भी ज्यादा, यानी 122% उछलकर ₹198.9 करोड़ पर पहुंच गया, और EBITDA मार्जिन सुधरकर 7.2% हो गया। Q3 FY26 में कंटीन्यूइंग ऑपरेशंस से PAT 150% YoY की बढ़ोतरी के साथ ₹129.5 करोड़ रहा।
9M FY26 में कंपनी के रेवेन्यू का बंटवारा देखें तो 52% कॉपर और कॉपर अलॉय प्रोडक्ट्स से, 43% लेड और लेड अलॉय इंगोट्स से और 4% एल्युमीनियम प्रोडक्ट्स से आया। वहीं, भौगोलिक रूप से 30% रेवेन्यू घरेलू बाजार से और 70% एक्सपोर्ट से आया।
🚀 विस्तार की नई उड़ान: मिडिल ईस्ट पर फोकस
कंपनी अपनी ग्रोथ को और तेज़ करने के लिए कई बड़े कदम उठा रही है। इसमें सबसे अहम है मिडिल ईस्ट में विस्तार। कंपनी को कुवैत की M/s. Abraj Al Khaleej में 25% हिस्सेदारी खरीदने की मंजूरी मिल गई है, जिसके लिए करीब 3 मिलियन USD खर्च होंगे। इस कदम से कंपनी को मिडिल ईस्ट में नए मौके मिलने की उम्मीद है और उम्मीद है कि Q3 FY27 तक इसके फायदे दिखने लगेंगे।
इसके अलावा, C&Y Group Investments Inc. के साथ मिलकर एक नई कंपनी Jain CY Circular Solutions Private Limited बनाई गई है। यह कंपनी अहमदाबाद में 72,000 MTPA क्षमता वाली कॉपर स्क्रैप रीसाइक्लिंग फैसिलिटी स्थापित करेगी, जो जून 2026 तक चालू हो जानी चाहिए।
कॉपर प्रोडक्ट्स में कंपनी आगे और भी इंटीग्रेट होने की योजना बना रही है। कॉपर एनोड का काम Q4 FY26 में शुरू हो जाएगा, जिसके बाद Q1 FY27 में कॉपर कैथोड और फिर Q1-Q2 FY27 तक वायर रॉड, बसबार और कोटिंग फैसिलिटीज चालू होंगी। टिन डिवीजन की क्षमता को भी 125 MTPA से बढ़ाकर 500 MTPA कर दिया गया है। कंपनी लेड एसिड बैटरी लीड स्ट्रीम से एंटीमनी एक्सट्रैक्शन प्लांट लगाने की भी तैयारी कर रही है, जिसमें करीब ₹20 करोड़ का कैपेक्स होगा और यह Q3 FY27 तक चालू हो सकता है। इन सब पहलों को सरकारी नीतियों जैसे व्हीकल स्क्रैपेज पॉलिसी का भी सहारा मिल रहा है।
🚩 कर्ज का बढ़ता बोझ और चिंताएं
इतने शानदार नतीजों और विस्तार की योजनाओं के बावजूद, कंपनी के कर्ज पर चिंताएं बनी हुई हैं। कंपनी ने अक्टूबर 2025 में ₹1,250 करोड़ का IPO लाया था, जिसका इस्तेमाल कर्ज चुकाने और कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए होना था। लेकिन, सितंबर 2025 तक कंपनी पर नेट बोरिंग ₹1,288.2 करोड़ हो गई थी, जो मार्च 2025 के ₹916.4 करोड़ से काफी ज़्यादा है। इसी के चलते, नेट डेट टू इक्विटी रेशियो 0.9 (FY25) से बढ़कर 31 (H1FY26) हो गया है।
इसके अलावा, सितंबर 2025 तक ऑपरेटिंग कैश फ्लो ₹403.2 करोड़ निगेटिव रहा। कंपनी ने UAE में गोल्ड और सिल्वर रिफाइनिंग का काम भी कम मार्जिन और ज़्यादा लागत के कारण बंद कर दिया है। हालांकि, कंपनी की क्रेडिट रेटिंग CRISIL A+/Stable पर अपग्रेड हुई है, लेकिन निवेशकों को कंपनी के बढ़ते कर्ज, निगेटिव ऑपरेटिंग कैश फ्लो और विस्तार परियोजनाओं के जोखिमों पर बारीकी से नज़र रखनी होगी। लेबर कोड्स के लागू होने से इम्प्लॉई बेनिफिट्स का खर्चा भी बढ़ा है।