JRRL Share Price: रिकॉर्ड रेवेन्यू पर भी मुनाफा **52%** गायब! शेयर **16%** टूटा, एनालिस्ट्स हैरान

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AuthorAditya Rao|Published at:
JRRL Share Price: रिकॉर्ड रेवेन्यू पर भी मुनाफा **52%** गायब! शेयर **16%** टूटा, एनालिस्ट्स हैरान
Overview

Jain Resource Recycling (JRRL) के निवेशकों के लिए मिली-जुली खबर है। कंपनी का रेवेन्यू Q4 FY26 में **76%** बढ़कर **₹3,100 करोड़** हो गया, लेकिन नेट प्रॉफिट पिछले क्वार्टर के मुकाबले **52%** घटकर **₹66.03 करोड़** रह गया।

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Jain Resource Recycling (JRRL) ने 18 मई, 2026 को अपने Q4 FY26 के नतीजे पेश किए। कंपनी का कुल रेवेन्यू साल-दर-साल 76.42% बढ़कर ₹3,104.98 करोड़ पर पहुंच गया। एल्यूमीनियम अलॉय, लेड अलॉय इंगट और कॉपर रीसाइक्लिंग में वॉल्यूम बढ़ने से रेवेन्यू में यह उछाल आया। पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) के लिए भी रेवेन्यू 48.43% बढ़कर ₹9,543.11 करोड़ रहा। हालांकि, पिछली तिमाही की तुलना में मुनाफे में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। Q4 FY26 में नेट प्रॉफिट ₹66.03 करोड़ रहा, जो Q3 FY26 के ₹126.25 करोड़ से 52% कम है। साल-दर-साल आधार पर नेट प्रॉफिट 25.70% बढ़ा था, लेकिन तिमाही-दर-तिमाही गिरावट ने स्पष्ट रूप से प्रॉफिट मार्जिन में आई कमी की ओर इशारा किया। टैक्स-पूर्व लाभ (Pre-tax profit) भी पिछली तिमाही के ₹174.4 करोड़ से घटकर ₹89.9 करोड़ रह गया।

इन नतीजों के बाद, 19 मई, 2026 को JRRL का स्टॉक 15.78% टूट गया, जो पिछले दो दिनों की गिरावट को मिलाकर लगभग 28% तक पहुंच गया।

मार्जिन पर बाहरी दबाव का असर

Motilal Oswal Financial Services ने इस गिरावट की मुख्य वजह कॉपर की कीमतों में अस्थिरता, स्क्रैप की सीमित सप्लाई और पश्चिम एशिया संकट (West Asia crisis) से उपजे व्यवधानों को बताया है। शिपिंग लागत में बढ़ोतरी ने इन समस्याओं को और बढ़ा दिया, जिससे हर टन मेटल पर होने वाले मुनाफे पर असर पड़ा। पश्चिम एशिया संकट ने रीसाइकल्ड मेटल्स के लिए सप्लाई चेन को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिससे शिपिंग और वॉर-रिस्क फीस बढ़ गई हैं, और एक्सपोर्ट कम लाभदायक हो गए हैं। कंपनी का मैनेजमेंट और कुछ एनालिस्ट्स का मानना ​​है कि ये प्रभाव अस्थायी हैं और Q1 FY27 तक सुधरने चाहिए, जब शिपिंग रूट सामान्य होंगे और लंबे कॉन्ट्रैक्ट्स शुरू होंगे। इसके अलावा, पिछली तिमाही की तुलना में कंपनी की उधारी लागत (borrowing costs) और अन्य ऑपरेटिंग खर्चों में भी बढ़ोतरी देखी गई। इन लागतों और बाहरी झटकों के चलते, Q4 FY26 में कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन 3.54% पर आ गए, जो Q3 FY26 में 7.17% थे।

स्टॉक का हाई वैल्यूएशन सवालों के घेरे में

JRRL का स्टॉक लंबे समय से ऊंचे वैल्यूएशन पर कारोबार कर रहा है। 8 मई, 2026 तक इसका P/E रेशियो 51x था, जो 15 मई, 2026 तक बढ़कर 57x हो गया। यह भारतीय मेटल्स और माइनिंग इंडस्ट्री के औसत 22.3x और समान कंपनियों के औसत 28.7x से काफी ज्यादा है। यहां तक ​​कि 37.2x के फेयर P/E अनुमान के अनुसार भी JRRL महंगा लग रहा था। हालांकि कंपनी ने मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ और 30.7% की सालाना कमाई ग्रोथ दिखाई है, जो मेटल्स और माइनिंग सेक्टर की 19.9% ग्रोथ से बेहतर है, लेकिन पिछली तिमाही के मुकाबले मुनाफे में आई तेज गिरावट ने सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या यह हाई वैल्यूएशन मल्टीपल बरकरार रखा जा सकता है। स्टॉक में आई तेज बिकवाली यह दर्शाती है कि निवेशक अब इस बात पर पुनर्विचार कर रहे हैं कि कंपनी खराब होती परिचालन प्रदर्शन और लाभप्रदता को देखते हुए अपने ऊंचे वैल्यूएशन को सही ठहरा सकती है या नहीं।

एनालिस्ट्स की राय बंटी हुई

JRRL पर एनालिस्ट्स की राय बंटी हुई है। Motilal Oswal Financial Services ने 'Buy' रेटिंग और ₹560 का टारगेट प्राइस बरकरार रखा है, लेकिन FY27 और FY28 के लिए अपने मुनाफे के अनुमानों को क्रमशः 15% और 16% घटा दिया है। अन्य रिपोर्ट्स में दो एनालिस्ट्स की ओर से 'Buy' रेटिंग और ₹491.00 का औसत 12-महीने का टारगेट प्राइस दिखाया गया है। हालांकि, Bitget का एक अलग विश्लेषण, जो 62 एनालिस्ट्स पर आधारित है, 'Sell' रेटिंग और ₹833.98 का 1-साल का टारगेट प्राइस बताता है, जो मौजूदा स्टॉक गिरावट के बिल्कुल विपरीत है। MarketsMOJO ने 8 मई, 2026 को हालिया वित्तीय नतीजों के कारण JRRL के 'mojo grade' को Buy से घटाकर Hold कर दिया, जो एक अधिक सतर्क रुख का संकेत देता है।

जारी जोखिमों से निवेशकों में संदेह

स्टॉक में आई तेज गिरावट इस बात को रेखांकित करती है कि मार्जिन पर दबाव उम्मीद से ज्यादा समय तक बना रह सकता है। पश्चिम एशिया में वैश्विक तनाव धातुओं के लिए सप्लाई चेन को खतरे में डाल रहा है, जिससे शिपिंग लागत और डिलीवरी में देरी की संभावना बनी हुई है। मेटल रीसाइक्लिंग उद्योग में स्क्रैप सप्लाई की अस्थिरता और गुणवत्ता संबंधी समस्याएं भी हैं, जिनसे प्रोसेसिंग लागत बढ़ जाती है। भले ही JRRL Q3 FY27 तक ₹15 करोड़ के कैपिटल खर्च के साथ एक नया प्लास्टिक रीसाइक्लिंग प्लांट शुरू करने की योजना बना रहा है, यह विविधीकरण (diversification) तुरंत इसके मेटल्स डिवीजन की मुख्य समस्याओं को हल नहीं करेगा। कंपनी की बढ़ती उधारी लागत भी चिंताएं बढ़ा रही है, खासकर कमोडिटी साइकल से जुड़े बिजनेस के लिए।

भविष्य की योजनाएं और अनिश्चितता

Motilal Oswal को Q1 FY27 में कॉपर सेगमेंट में मुनाफे में धीरे-धीरे सुधार की उम्मीद है, यह देखते हुए कि कॉपर कीमतों की गणना का तरीका सामान्य हो रहा है और सामग्री की उपलब्धता में सुधार हो रहा है। कंपनी भविष्य के विकास के लिए निवेश भी कर रही है, जिसमें Q3 FY27 तक एक नया प्लास्टिक रीसाइक्लिंग प्लांट खोलने की योजना है। हालांकि, निवेशकों का मुख्य ध्यान JRRL की अस्थिर कमोडिटी कीमतों और वैश्विक अनिश्चितताओं से निपटने की क्षमता, अपने प्रॉफिट मार्जिन को बेहतर बनाने और स्थिर करने, और अपने ऊंचे वैल्यूएशन को सहारा देने के लिए स्थिर मुनाफे दिखाने पर रहेगा। विभिन्न एनालिस्ट्स के विचार और बाजार की मजबूत प्रतिक्रिया कंपनी के अल्पकालिक भविष्य के बारे में महत्वपूर्ण अनिश्चितता का संकेत देती है।

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