JSW Steel के शेयर आज **2%** से ज़्यादा चढ़ गए। कंपनी ने जून तिमाही में **₹4,065 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी अवधि में **₹2,209 करोड़** था। साथ ही, कंपनी अपनी सब्सिडियरी JSW One Platforms के आगामी IPO में **₹811 करोड़** की हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रही है।
JSW Steel का शानदार प्रदर्शन
सोमवार को JSW Steel के शेयरों में ज़बरदस्त तेजी देखने को मिली। शेयर 2% चढ़कर ₹1,265.40 के इंट्रा-डे हाई तक पहुंच गए। यह उछाल कंपनी के पहली तिमाही के नतीजों के बाद आया है। स्टील बनाने वाली इस कंपनी ने जून तिमाही में पिछले साल की इसी अवधि के ₹2,209 करोड़ की तुलना में लगभग दोगुना होकर ₹4,065 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। कंपनी के मैनेजमेंट का कहना है कि बेहतर प्रोडक्ट प्राइसिंग और कम ब्याज खर्चों के कारण यह मुनाफा संभव हुआ है।
JSW One Platforms IPO: डिजिटल प्लेटफॉर्म में हिस्सेदारी बिक्री
निवेशकों का भरोसा तब और बढ़ा जब कंपनी ने अपनी सब्सिडियरी, JSW One Platforms Ltd, के आने वाले इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) में हिस्सा लेने का फैसला किया। JSW Steel इस डिजिटल प्लेटफॉर्म में अपनी हिस्सेदारी ऑफर फॉर सेल (Offer for Sale) के ज़रिए बेचेगी, जिससे करीब ₹811 करोड़ जुटाए जाने की उम्मीद है। यह कदम कंपनी के कैपिटल एलोकेशन में बदलाव का संकेत देता है, क्योंकि कंपनी डिजिटल बिज़नेस में अपने निवेश को भुनाना चाहती है और अपने मुख्य मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशंस पर ध्यान केंद्रित करना चाहती है।
कर्ज़ में कमी और भविष्य की योजनाएं
निवेशकों के लिए कंपनी की बैलेंस शीट की सेहत एक अहम मुद्दा बनी हुई है। जून 2026 तक कंपनी का कंसॉलिडेटेड कर्ज़ घटकर ₹462 बिलियन हो गया है। इसमें Bhushan Power & Steel Ltd को एक ज्वाइंट वेंचर में ट्रांसफर करने का भी योगदान है, जिससे नेट डेट-टू-EBITDA रेशियो घटकर 1.46x रह गया है।
भविष्य को देखते हुए, कंपनी FY32 तक अपनी कुल स्टील बनाने की क्षमता को 80 मिलियन टन तक बढ़ाने की महत्वाकांक्षी विस्तार योजना पर काम कर रही है। एनालिस्ट्स का मानना है कि कैप्टिव आयरन ओर तक बेहतर पहुंच और कोयले की सुरक्षा से मार्जिन में सुधार की गुंजाइश है। हालांकि, कुछ जानकारों ने बढ़ते कोकिंग कोल की कीमतों और हालिया कॉर्पोरेट पुनर्गठन के बाद वॉल्यूम ग्रोथ में संभावित धीमी गति जैसे जोखिमों की ओर भी इशारा किया है।
आने वाली तिमाहियों में ये लागत दबाव मुनाफे के मार्जिन को कैसे प्रभावित करते हैं, इस पर निवेशक बारीकी से नज़र रखेंगे। कंपनी की उच्च यूटिलाइजेशन रेट बनाए रखने की क्षमता और नई परियोजनाओं के साथ तालमेल बिठाना, लंबी अवधि की ग्रोथ के लिए महत्वपूर्ण होगा। इसके अलावा, JSW One Platforms IPO की प्रगति और कंपनी की कैश पोजीशन पर इसका असर भी निकट भविष्य में शेयरधारकों के लिए ध्यान देने योग्य मुख्य बिंदु रहेंगे।
