JSW Steel: Q1 में ₹15,013 प्रति टन EBITDA! स्टील की ऊंची कीमतों और एक्सपोर्ट से कंपनी को मिली बड़ी राहत

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
JSW Steel: Q1 में ₹15,013 प्रति टन EBITDA! स्टील की ऊंची कीमतों और एक्सपोर्ट से कंपनी को मिली बड़ी राहत

JSW Steel ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में दमदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का कंसोलिडेटेड EBITDA प्रति टन ₹15,013 रहा, जो कि एनालिस्ट्स की उम्मीदों से बेहतर है। बिक्री मूल्य में 17% की बढ़त और एक्सपोर्ट वॉल्यूम में बढ़ोतरी ने नतीजों को सहारा दिया।

स्टील की कीमतों में उछाल और एक्सपोर्ट का फायदा

JSW Steel ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी के कंसोलिडेटेड स्टील वॉल्यूम में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 4% की बढ़ोतरी हुई और यह 6.25 मिलियन टन तक पहुंच गया। इस ग्रोथ में एक्सपोर्ट सेल्स का बड़ा योगदान रहा, जो 46% बढ़कर 0.68 मिलियन टन तक पहुंच गया। ऑटोमोटिव, रिन्यूएबल एनर्जी और अप्लायंस मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टर्स से डोमेस्टिक डिमांड भी स्थिर बनी रही।

बिक्री मूल्य में 17% की बढ़त, मार्जिन पर दबाव

कंपनी के प्रदर्शन का एक मुख्य कारण कंसोलिडेटेड नेट सेलिंग रियलाइजेशन (Net Selling Realisation) में 17% की तिमाही-दर-तिमाही बढ़त रहा, जो ₹75,782 प्रति टन तक पहुंच गया। इसका मुख्य कारण हॉट रोल्ड कॉइल (Hot Rolled Coil) की कीमतों में 9% की बढ़ोतरी रही। स्पेशल प्रोडक्ट्स की बिक्री से भी कंपनी को फायदा हुआ।

हालांकि, बढ़ती इनपुट लागतों ने कंपनी के मार्जिन पर दबाव डाला। कोकिंग कोल (Coking Coal) की कीमतों में US$17 प्रति टन और आयरन ओर की कीमतों में बढ़ोतरी का असर ऑपरेटिंग मार्जिन पर दिखा। मिडिल ईस्ट संकट के कारण भी करीब US$20 प्रति टन अतिरिक्त परिचालन लागत आई। इन चुनौतियों के बावजूद, कंसोलिडेटेड EBITDA प्रति टन ₹15,013 रहा, जो ब्रोकरेज फर्म प्रभादास लिलाधर (Prabhudas Lilladher) के ₹13,632 के अनुमान से बेहतर है।

आगे की रणनीति और आउटलुक

दूसरी तिमाही में कोकिंग कोल की लागत US$12-15 प्रति टन और बढ़ने का अनुमान है। इसे पूरा करने के लिए, JSW Steel वॉल्यूम ग्रोथ पर फोकस कर रही है, खासकर अपने 4.5 मिलियन टन प्रति वर्ष क्षमता वाले ब्लास्ट फर्नेस नंबर तीन के रैंप-अप से। कंपनी ने पूरे साल के लिए 28.6 मिलियन टन की सेल्स और 29.75 मिलियन टन के प्रोडक्शन का लक्ष्य बरकरार रखा है। पूरे वित्त वर्ष के लिए डोमेस्टिक स्टील डिमांड ग्रोथ 7-9% रहने का अनुमान है। निवेशकों की नजर इस पर रहेगी कि क्या नई क्षमता से होने वाली वॉल्यूम ग्रोथ, वोलेटाइल रॉ मटेरियल कीमतों के दबाव को झेल पाएगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.