JSW Steel ने वित्त वर्ष 2032 तक अपनी क्षमता को **78 मिलियन टन (MTPA)** तक ले जाने का बड़ा ऐलान किया है। कंपनी ने दूसरी तिमाही में अपने EBITDA में **7.9%** की बढ़त दर्ज की है, जो अब **₹10,120 करोड़** पर पहुंच गया है।
बड़े विस्तार की तैयारी
JSW Steel ने अपने विजन को साफ कर दिया है। कंपनी वित्त वर्ष 2032 तक अपनी क्रूड स्टील क्षमता को 78 MTPA तक पहुंचाना चाहती है, जो वित्त वर्ष 2026 के 38 MTPA के अनुमान से दोगुने से भी अधिक है। इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य के लिए कंपनी अगले 5-6 साल में ₹1.48 लाख करोड़ का कैपिटल एक्सपेंडिचर (CapEx) करने जा रही है। मैनेजमेंट का इरादा इस निवेश के लिए बाहरी कर्ज पर निर्भर रहने के बजाय अपनी इंटरनल कैश जनरेशन का उपयोग करना है, जिससे सालाना ₹25,000 करोड़ से ₹30,000 करोड़ जुटाए जाएंगे।
कमाई और कर्ज का गणित
ताजा नतीजों में कंपनी का EBITDA ₹10,120 करोड़ रहा है। हालांकि, कच्चे माल, खासकर कोकिंग कोल की ऊंची कीमतों के कारण प्रति टन प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव बना हुआ है। इस दौरान प्रति टन EBITDA ₹13,566 दर्ज किया गया। कंपनी अपने बैलेंस शीट को मजबूत करने के लिए कर्ज घटाने पर भी पूरा जोर दे रही है। नेट डेट को घटाकर ₹44,500 करोड़ कर दिया गया है। कंपनी ने $500 मिलियन के बॉन्ड का समय से पहले भुगतान कर विदेशी मुद्रा ऋण को $3.6 बिलियन से कम करने में सफलता पाई है।
ऑपरेशंस में मजबूती
मार्जिन को बचाने के लिए JSW Steel अब बैकवर्ड इंटीग्रेशन पर दांव लगा रही है। कंपनी ऑस्ट्रेलिया और मोजाम्बिक जैसे देशों से कोकिंग कोल की सुरक्षित सप्लाई सुनिश्चित कर रही है और अपनी आयरन ओर माइनिंग को भी बढ़ा रही है ताकि आधी जरूरत पूरी तरह इन-हाउस हो सके। विजयनगर प्लांट के ब्लास्ट फर्नेस-3 का आधुनिकीकरण अब 90% क्षमता पर काम कर रहा है, जिससे दूसरी तिमाही में सेल्स वॉल्यूम में 13% की ईयर-ऑन-ईयर ग्रोथ दर्ज की गई है।
