JSW Steel और JFE Steel ने ओडिशा में अपने जॉइंट वेंचर की क्षमता बढ़ाने के लिए **₹7,500 करोड़** के निवेश का ऐलान किया है। इस प्रोजेक्ट के जरिए **FY31** तक उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर **9.5 MTPA** करने का लक्ष्य रखा गया है, हालांकि यह कंपनी के बढ़ते कैपिटल खर्चों पर भी दबाव बढ़ा सकता है।
JSW Steel और जापान की दिग्गज कंपनी JFE Steel ने ओडिशा स्थित अपने जॉइंट वेंचर प्लांट के विस्तार की रूपरेखा तैयार कर ली है। इस भारी-भरकम निवेश के तहत दोनों कंपनियां समान हिस्सेदारी में ₹3,750-3,750 करोड़ का योगदान देंगी। इस विस्तार कार्य की शुरुआत अप्रैल 2027 से होने की उम्मीद है, बशर्ते इसे जरूरी पर्यावरणीय और कानूनी मंजूरियां मिल जाएं।
बड़ा ग्रोथ प्लान
यह ओडिशा प्रोजेक्ट JSW Steel की व्यापक विकास रणनीति का एक हिस्सा है। कंपनी केवल उत्पादन क्षमता ही नहीं, बल्कि हाई-वैल्यू प्रोडक्ट्स पर भी अपना जोर बढ़ा रही है। इसके तहत Vasind प्लांट में 1.8 MTPA का कोल्ड रोलिंग मिल और 1.2 MTPA की मेटल कोटिंग फैसिलिटी तैयार की जा रही है, जो FY30 की दूसरी तिमाही तक चालू हो सकती है। साथ ही, JSW Utkal प्रोजेक्ट का दूसरा चरण भी पाइपलाइन में है, जिससे नेटवर्क में अतिरिक्त 5 MTPA क्षमता जुड़ जाएगी।
रॉ मटेरियल सुरक्षा पर नजर
कंपनी का मकसद बाहरी कच्चे माल पर निर्भरता घटाना है। इसके लिए Vijayanagar फैसिलिटी में 8 MTPA का पेलेट प्लांट बनाया जा रहा है ताकि आयरन ओर के इस्तेमाल को बेहतर बनाया जा सके। इसके अलावा, मोजाम्बिक में अधिग्रहित कोकिंग कोल माइन से 2028 से उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है, जिससे ग्लोबल कमोडिटी मार्केट के उतार-चढ़ाव से प्रॉफिट मार्जिन को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।
निवेशकों के लिए क्या है अहम?
इतने बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए भारी पूंजी की आवश्यकता होती है, जिसे लेकर निवेशक अब कंपनी के कर्ज और कैश फ्लो पर बारीकी से नजर रखेंगे। बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट्स में देरी या बढ़ती लागत का जोखिम हमेशा बना रहता है। अब शेयरधारकों की निगाहें प्रोजेक्ट्स के टाइमलाइन पर मैनेजमेंट की कमेंट्री और बैलेंस शीट की सेहत पर टिकी रहेंगी।
