JSW स्टील अपनी सहायक कंपनी,भूषण पावर एंड स्टील लिमिटेड (BPSL) में अपनी 50% तक की हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर रहा है। सूत्रों का सुझाव है कि जापान की एक बड़ी स्टील कंपनी JFE स्टील, इस महत्वपूर्ण हिस्से को हासिल करने के लिए वर्तमान में सबसे आगे चल रही है। यह कदम JSW स्टील की विभिन्न अवसरों की तलाश करने की रणनीति का हिस्सा है, जिसमें ऐसी संभावित सहभागिताएं शामिल हैं जो पैमाने और प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ा सकती हैं, जैसा कि उनके आधिकारिक जवाब में कहा गया है। हालांकि, JSW स्टील ने BPSL की हिस्सेदारी की बिक्री से जुड़ी अटकलों पर सीधे टिप्पणी करने से परहेज किया है।
भूषण पावर एंड स्टील, जिसकी एकीकृत इस्पात निर्माण क्षमता लगभग 4.5 मिलियन टन प्रति वर्ष है, मूल रूप से JSW स्टील द्वारा 2019 में इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) समाधान ढांचे के माध्यम से अधिग्रहित की गई थी। कंपनी की स्वामित्व संरचना में उल्लेखनीय कानूनी विकास हुए हैं, जिसमें मई 2025 में परिसमापन (liquidation) का सुप्रीम कोर्ट का आदेश भी शामिल था, जिसे बाद में सितंबर 2025 में उलट दिया गया, जिससे JSW स्टील का अधिग्रहण बहाल हो गया और BPSL के पुनरुद्धार की अनुमति मिली।
प्रभाव: हिस्सेदारी की यह संभावित बिक्री JSW स्टील के लिए महत्वपूर्ण वित्तीय निहितार्थ ला सकती है, जो उसके ऋण स्तर, नकदी प्रवाह और रणनीतिक फोकस को प्रभावित कर सकती है। JFE स्टील के लिए, यह भारतीय बाजार में अपनी उपस्थिति का विस्तार करने का एक अवसर है। सौदे का मूल्यांकन और संरचना निवेशकों द्वारा बारीकी से देखी जाएगी। रेटिंग: 7/10।
कठिन शर्तें: इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC): यह भारत का एक कानून है जो कॉर्पोरेट व्यक्तियों, साझेदारी फर्मों और व्यक्तियों के पुनर्गठन और दिवाला समाधान से संबंधित कानूनों को एक समयबद्ध तरीके से समेकित और संशोधित करता है ताकि ऐसे व्यक्तियों की संपत्ति के मूल्य को अधिकतम किया जा सके। यह दिवाला के मुद्दों को अधिक कुशलता से हल करने के लिए एक ढांचा प्रदान करता है। सहायक कंपनी (Subsidiary): एक कंपनी जिस पर एक होल्डिंग कंपनी (मूल कंपनी) का नियंत्रण होता है।