JSW Steel के अगस्त 2026 के उत्पादन आंकड़े सामने आ गए हैं। कंपनी का कुल क्रूड स्टील प्रोडक्शन **3%** बढ़कर **2.47 मिलियन टन** पर पहुंच गया है, जिसे घरेलू बाजार की मजबूत मांग का सहारा मिला है।
अगस्त महीने में JSW Steel के प्रदर्शन का मुख्य आधार कंपनी का भारतीय परिचालन रहा है। घरेलू बिजनेस ने 2.39 मिलियन टन स्टील का उत्पादन किया, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 4% ज्यादा है। भारत में कंपनी की क्षमता का उपयोग (Capacity Utilization) औसतन 88% रहा, जो निर्माण और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर से लगातार बनी मांग को दर्शाता है।
अमेरिकी बाजार में चुनौतियां
जहां घरेलू मोर्चे पर कंपनी ने अच्छा प्रदर्शन किया, वहीं अमेरिका स्थित ओहायो की इकाई के लिए स्थिति थोड़ी चुनौतीपूर्ण रही। यहां उत्पादन में साल-दर-साल 11% की गिरावट दर्ज की गई, जो घटकर 0.078 मिलियन टन रह गया। कच्चे माल की अस्थिर कीमतें और अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव इसकी बड़ी वजह मानी जा रही हैं।
ध्यान देने वाली बातें (Investors Corner)
निवेशकों को यह समझना होगा कि ये आंकड़े Bhushan Power and Steel Limited (BPSL) के JSW-JFE Steel ज्वाइंट वेंचर में ट्रांसफर के बाद के हैं, जिससे पिछले साल के डेटा की तुलना में बदलाव आया है। कंपनी की फाइनेंशियल स्थिति की बात करें तो अप्रैल-जून तिमाही में JSW Steel ने ₹4,696 करोड़ का नेट प्रॉफिट और ₹47,364 करोड़ का रेवेन्यू हासिल किया था।
वर्तमान में शेयर का भाव ₹1,325 के आसपास है। कंपनी का EBITDA मार्जिन 19.8% बना हुआ है, जो कड़े कॉम्पिटिशन और कोकिंग कोल की महंगी लागत के बीच कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी को बयां करता है। अब बाजार की नजर रॉ मटेरियल की कीमतों और घरेलू डिमांड पर टिकी रहेगी।
