JSW Infrastructure: पोर्ट्स सेक्टर में भूचाल! ₹39,000 करोड़ के मेगा प्लान को मिली हरी झंडी, शेयर ऐसे चढ़ेंगे?

INDUSTRIAL-GOODSSERVICES
Whalesbook Logo
AuthorSaanvi Reddy|Published at:
JSW Infrastructure: पोर्ट्स सेक्टर में भूचाल! ₹39,000 करोड़ के मेगा प्लान को मिली हरी झंडी, शेयर ऐसे चढ़ेंगे?
Overview

JSW Infrastructure के बोर्ड ने कंपनी के पोर्ट विस्तार (Port Expansion) के लिए बड़े फंड जुटाने की योजना को मंजूरी दे दी है। कंपनी ₹39,000 करोड़ के भारी-भरकम निवेश से अपनी क्षमता बढ़ाने की तैयारी में है।

JSW Infrastructure: पोर्ट्स सेक्टर में बड़ा दांव, ₹39,000 करोड़ के विस्तार प्लान को मिली मंजूरी

JSW Infrastructure Limited (JSWIL) ने अपने महत्वाकांक्षी ग्रोथ प्लान को रफ्तार देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। कंपनी के डायरेक्टर्स बोर्ड ने 25 करोड़ शेयर तक जारी करके फंड जुटाने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। इस फैसले का मुख्य मकसद कंपनी के मल्टी-ईयर विस्तार कार्यक्रम (Expansion Program) को सहारा देना और SEBI के मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग (MPS) नियमों का पालन करना है।

कैपेक्स और क्षमता विस्तार का मेगा प्लान

यह फंड कंपनी के ₹39,000 करोड़ के इंटीग्रेटेड कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) प्लान को पूरा करने में मदद करेगा। इस भारी-भरकम निवेश का लक्ष्य FY2030 तक कंपनी की पोर्ट कैपेसिटी को मौजूदा 177 MTPA से बढ़ाकर 400 MTPA तक पहुंचाना है। JSWIL का इरादा भारत के पोर्ट और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में एक बड़ा प्लेयर बनने का है।

EBITDA में उछाल की उम्मीद

कंपनी को उम्मीद है कि FY2028 तक उसका ऑपरेटिंग EBITDA (Earnings Before Interest, Taxes, Depreciation, and Amortisation) दोगुना होकर लगभग ₹5,000 करोड़ तक पहुँच जाएगा। यह ग्रोथ पोर्ट विस्तार प्रोजेक्ट्स के सफल एग्जीक्यूशन और लॉजिस्टिक्स एसेट्स से मिलने वाले योगदान से संभव होगी।

मजबूत फाइनेंशियल पोजीशन

31 दिसंबर, 2025 तक, JSWIL की फाइनेंशियल पोजीशन काफी मजबूत है। कंपनी का नेट डेट-टू-EBITDA रेश्यो सिर्फ 0.76x है और उसके पास ₹3,455 करोड़ की कैश और बैंक बैलेंस है। कंपनी को मूडीज़ और एस&पी जैसी रेटिंग एजेंसियों से भी इन्वेस्टमेंट-ग्रेड क्रेडिट रेटिंग मिली हुई है।

नए डायरेक्टर की हुई नियुक्ति

इसके साथ ही, बोर्ड ने मिस्टर कार्त‍िक महेश्‍वरी को नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर तीन साल के लिए नियुक्त करने को भी मंजूरी दी है। मिस्टर महेश्‍वरी कॉर्पोरेट लॉ, फाइनेंस और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में 20 सालों से ज़्यादा का अनुभव रखते हैं।

फंड जुटाने के तरीके

यह फंडरेजिंग क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP), फर्दर पब्लिक ऑफर (FPO) या राइट्स इश्यू जैसे माध्यमों से की जा सकती है।

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.