JSW Cement Q3 में दमदार वापसी! घाटे से मुनाफे में आया, **₹130.6 करोड़** से ज़्यादा की कमाई, भविष्य के लिए बड़ी योजनाएं

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AuthorMehul Desai|Published at:
JSW Cement Q3 में दमदार वापसी! घाटे से मुनाफे में आया, **₹130.6 करोड़** से ज़्यादा की कमाई, भविष्य के लिए बड़ी योजनाएं
Overview

JSW Cement के निवेशकों के लिए अच्छी ख़बर है। कंपनी ने Q3 FY26 में शानदार वापसी करते हुए **₹130.6 करोड़** का नेट प्रॉफिट (Net Profit) दर्ज किया है, जो पिछले साल की इसी अवधि में हुए **₹80.2 करोड़** के घाटे से एक बड़ा उलटफेर है। इस दौरान कंपनी के रेवेन्यू (Revenue) में भी **13.2%** की ज़ोरदार बढ़ोतरी देखने को मिली है।

JSW Cement ने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हुई तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में अपने वित्तीय नतीजों से निवेशकों को सुखद आश्चर्य दिया है। कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹130.6 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹80.2 करोड़ के घाटे के मुकाबले एक ज़बरदस्त उलटफेर है। इस दौरान, कंपनी के ऑपरेशन्स से रेवेन्यू (Revenue) में 13.2% का सालाना उछाल आया और यह ₹1,621 करोड़ पर पहुंच गया। ऑपरेटिंग EBITDA में भी 31.5% की प्रभावशाली बढ़ोतरी हुई, जो ₹285.1 करोड़ रहा, और EBITDA मार्जिन सुधरकर 17.6% हो गया, जो प्रति टन ₹802 के बराबर है।

नौ महीनों (9M FY26) के नतीजों पर नज़र डालें तो रेवेन्यू 14.1% बढ़कर ₹4,617 करोड़ हो गया, जबकि ऑपरेटिंग EBITDA में 42.9% की ज़बरदस्त बढ़ोतरी के साथ यह ₹875.2 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि, 9M FY26 के लिए रिपोर्ट किया गया PAT ₹1,160.4 करोड़ का घाटा दिखा रहा था, लेकिन इसका मुख्य कारण Q1 FY26 में ₹1,466.4 करोड़ का नॉन-कैश फेयर वैल्यू एक्सपेंस (Non-cash fair value expense) था। इस एडजस्टमेंट के बाद, 9M FY26 का एडजस्टेड PAT ₹306 करोड़ रहा, जो कंपनी की मज़बूत ऑपरेटिंग परफॉरमेंस को दर्शाता है।

JSW Cement अब देश भर में अपनी मौजूदगी बढ़ाने के लिए आक्रामक विस्तार (Aggressive Expansion) की राह पर है। कंपनी का लक्ष्य 2028 तक अपनी ग्राइंडिंग कैपेसिटी को मौजूदा 21.60 MTPA से बढ़ाकर 41.85 MTPA करना है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत, Q4 FY26 तक नागौर इंटीग्रेटेड यूनिट (3.30 MTPA क्लिंकर, 2.50 MTPA सीमेंट ग्राइंडिंग) चालू हो जाएगी। इसके अलावा, पंजाब के मानसा में 2.75 MTPA की स्प्लिट ग्राइंडिंग यूनिट और UAE के फुजैराह में 1.65 MTPA की ग्राइंडिंग यूनिट भी स्थापित की जाएंगी।

कंपनी का मैनेजमेंट उम्मीद कर रहा है कि FY26-30 के बीच सीमेंट की मांग में 7.5-8.5% की CAGR (Compound Annual Growth Rate) से बढ़ोतरी होगी, जबकि GGBS (Ground Granulated Blast Furnace Slag) जैसे सस्टेनेबल प्रोडक्ट्स की मांग 14-15% की तेज़ी से बढ़ सकती है। यह बढ़ोतरी इंफ्रास्ट्रक्चर और हाउसिंग सेक्टर से आने की उम्मीद है।

वित्तीय मोर्चे पर, Q3 FY26 में फाइनेंस कॉस्ट (Finance Cost) 25.5% घटकर ₹86.7 करोड़ पर आ गई, जो बेहतर डेट मैनेजमेंट (Debt Management) का संकेत है। 31 दिसंबर, 2025 तक नेट डेट (Net Debt) ₹3,557 करोड़ था, जिसके चलते नेट डेट टू EBITDA रेशियो 2.90x (TTM - Trailing Twelve Months) और नेट डेट टू इक्विटी रेशियो 0.58x है। ये रेश्यो कंपनी के विस्तार के दौर को देखते हुए मैनेजेबल (Manageable) माने जा रहे हैं।

JSW Cement के लिए एक और बड़ी ख़ुशख़बरी यह है कि CRISIL ने इसकी लॉन्ग-टर्म क्रेडिट रेटिंग को 'A+/Stable' से अपग्रेड करके 'AA-/Stable' कर दिया है, जो कंपनी की बढ़ती वित्तीय मज़बूती को दर्शाता है। साथ ही, कंपनी ने 2025 S&P ग्लोबल कॉर्पोरेट सस्टेनेबिलिटी असेसमेंट में 86/100 का शानदार स्कोर हासिल किया है, जो ESG (Environmental, Social, and Governance) पर इसके फोकस को दिखाता है। ₹191.63 करोड़ में वद्राज एनर्जी गुजरात लिमिटेड (Vadraj Energy Gujarat Ltd.) के विनिवेश (Divestiture) ने भी कंपनी की वित्तीय स्थिति को और मज़बूत किया है।

कुल मिलाकर, सीमेंट सेक्टर का मीडियम-टर्म आउटलुक (Medium-Term Outlook) सकारात्मक दिख रहा है, और JSW Cement अपनी विस्तार योजनाओं, मज़बूत वित्तीय स्थिति और सस्टेनेबल प्रोडक्ट्स पर ज़ोर देकर इस ग्रोथ का फायदा उठाने के लिए अच्छी स्थिति में है।

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