JSW Cement ने सितंबर तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का मुनाफा मामूली घटकर **₹85 करोड़** रहा है, जबकि रेवेन्यू बढ़कर **₹1,912 करोड़** पहुंच गया। बढ़ते खर्चों ने मुनाफे पर दबाव डाला है, साथ ही कंपनी ने **₹1,078 करोड़** के बड़े विस्तार प्लान का ऐलान किया है।
मुनाफे पर दबाव क्यों?
कंपनी के रेवेन्यू में तो अच्छी बढ़त दिखी है, जो पिछले साल के ₹1,436 करोड़ से बढ़कर इस बार ₹1,912 करोड़ पर पहुंच गया है, लेकिन नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹86 करोड़ से मामूली घटकर ₹85 करोड़ रह गया। इसकी मुख्य वजह बढ़ता ऑपरेशनल कॉस्ट है। पावर, फ्रेट और रॉ मटेरियल के बढ़ते खर्चों ने कंपनी के मार्जिन को दबा दिया है।
आंकड़ों पर गौर करें तो पावर कॉस्ट ₹226 करोड़ से बढ़कर ₹383 करोड़, फ्रेट कॉस्ट ₹328 करोड़ से बढ़कर ₹428 करोड़ और रॉ मटेरियल का खर्च ₹319 करोड़ से बढ़कर ₹447 करोड़ हो गया है।
बड़ा विस्तार प्लान (Expansion Plan)
मुश्किलों के बावजूद कंपनी अपने भविष्य पर दांव लगा रही है। JSW Cement ने विजयनगर और डोलवी में नई ग्राइंडिंग यूनिट्स के लिए ₹1,078 करोड़ का निवेश तय किया है। इससे कंपनी की प्रोडक्शन कैपेसिटी में 2 मिलियन टन प्रति वर्ष का इजाफा होगा। 2028 तक विजयनगर की कैपेसिटी 8 मिलियन टन और डोलवी की 6.5 मिलियन टन तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। फिलहाल कंपनी 25.1 मिलियन टन की कुल क्षमता पर काम कर रही है, जिसमें कैपेसिटी यूटिलाइजेशन 64% है।
अन्य अपडेट्स
अपनी सब्सिडियरी JSW Green Cement को सपोर्ट करने के लिए कंपनी ने IndusInd Bank को ₹60 करोड़ की कॉरपोरेट गारंटी भी दी है, ताकि वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को आसानी से पूरा किया जा सके। निवेशकों के लिए अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या कंपनी आने वाली तिमाहियों में अपने बढ़ते खर्चों को कंट्रोल कर पाती है या नहीं।
