दमदार तिमाही नतीजे, मार्जिन में भी उछाल
JSW Cement के लिए 2026 के फाइनेंशियल ईयर की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) बेहद शानदार रही। कंपनी ने 13% साल-दर-साल (YoY) की बढ़ोतरी के साथ ₹1,621 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया। वहीं, ऑपरेटिंग EBITDA में 32% की ज़बरदस्त उछाल आई और यह ₹285.1 करोड़ पर पहुंच गया। इस बढ़ी हुई कार्यकुशलता के चलते ऑपरेटिंग EBITDA मार्जिन सुधरकर 17.6% हो गया, जो पिछले साल की समान तिमाही में 15.5% था। इस दौरान कंपनी का नेट प्रॉफिट (PAT) ₹130.6 करोड़ रहा। वॉल्यूम बिक्री भी 14% YoY बढ़कर 3.56 मिलियन टन पर आ गई।
नौ महीनों (9M FY26) के दौरान भी कंपनी का प्रदर्शन मजबूत रहा, जहां रेवेन्यू 13% YoY बढ़कर ₹4,617 करोड़ हुआ और ऑपरेटिंग EBITDA में 43% YoY की बड़ी बढ़त के साथ ₹875.2 करोड़ दर्ज किया गया।
कंपनी के नतीजों में कुछ खास आइटम भी शामिल थे, जैसे लेबर कोड लागू होने का ₹33.66 करोड़ का असर और निवेश बेचने से ₹53.6 करोड़ का फायदा। वहीं, इस फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत में कंपल्सरी कन्वर्टिबल प्रेफरेंस शेयर्स (CCPS) के कन्वर्जन से ₹1,466.4 करोड़ का फेयर वैल्यू एक्सपेंस दर्ज किया गया था, जिसका असर 9M नतीजों पर पड़ा, लेकिन Q3 FY26 के सीधे आंकड़ों पर नहीं।
UAE में बड़ा कदम, डोमेस्टिक क्षमता भी बढ़ेगी
JSW Cement ने एक महत्वपूर्ण रणनीतिक घोषणा करते हुए बताया है कि वह संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के फुजैराह में 1.65 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) क्षमता की एक नई सीमेंट ग्राइंडिंग यूनिट स्थापित करने के लिए वहां एक पूरी तरह से स्वामित्व वाली सब्सिडियरी बनाएगी। इस प्रोजेक्ट के लिए करीब 39 मिलियन अमेरिकी डॉलर का कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) होने का अनुमान है। यह कदम अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कंपनी की मौजूदगी बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
देश के अंदर भी JSW Cement अपनी क्षमता बढ़ा रही है। राजस्थान के नागौर में इंटीग्रेटेड यूनिट का पहला फेज Q4 FY26 में चालू होने वाला है, जिससे 3.3 MTPA क्लिंगकर और 2.5 MTPA ग्राइंडिंग कैपेसिटी जुड़ेगी। इसके अलावा, पंजाब के मानसा में 2.75 MTPA की ग्राइंडिंग यूनिट लगाने की भी योजना है।
JSW Cement इंडस्ट्री में सबसे कम CO2 उत्सर्जन तीव्रता (CO2 emission intensity) बनाए रखते हुए सस्टेनेबिलिटी में अपनी लीडरशिप जारी रखे हुए है।
आगे की राह और जोखिम
UAE में अंतरराष्ट्रीय विस्तार की योजना में एग्जीक्यूशन से जुड़े जोखिम हो सकते हैं, जैसे प्रोजेक्ट में देरी या लागत प्रबंधन की चुनौतियां। कच्चे माल और ऊर्जा की कीमतों में उतार-चढ़ाव के साथ-साथ घरेलू मांग की स्थिति पर भी नज़र रखनी होगी।
इन्वेस्टर्स राजस्थान और पंजाब की नई कैपेसिटी के चालू होने और UAE ऑपरेशंस के बढ़ने का बेसब्री से इंतजार करेंगे। CRISIL द्वारा JSW Cement की क्रेडिट रेटिंग को AA-/Stable तक बढ़ाना, कंपनी के वित्तीय स्वास्थ्य और परिचालन स्थिरता में सुधार को दर्शाता है, जो उसकी ग्रोथ योजनाओं के लिए एक मजबूत आधार तैयार करता है।
